ट्रक ड्राइवर पर लगा 2 लाख पांच सौ रुपयें का जुर्माना, अब तक का सबसे बड़ा चालान
भारत में मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ही देश भर से इससे जुड़ी खबरें आ रही है। एक सितंबर से लागू संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लेकप पूरे देश में ट्रैफिक पुलिस कारवाई कर रही है।

इस कारवाई के तहत उन लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है, जो यातायात नियमों का पालन नहीं करते है। पिछले एक सप्ताह से देश भर से ऐसी खबरें आई है कि पुलिस कारवाई में लोगों पर हजारों नहीं लाखों रुपयें तक जुर्माना लगाया गया है।

इसके तहत कई लोगों ने कड़ाई से इस एक्ट का विरोध भी किया है। वहीं भारत के कुछ राज्यों ने इस एक्ट को लागू करने से भी मना कर दिया है। इन राज्यों में सबसे पहले पश्चिम बंगाल का नाम आता है।

इस लिस्ट में भारत के अन्य राज्यों में से मध्य प्रदेश भी है। वहीं गुजरात में इस एक्ट में जुर्माने की राशि को कम कर दिया गया है। मोटर व्हीकल एक्ट से सरकार का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों को लेकर जागरूक करना है।

कई इंटरव्यू में कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी ने यह साफ किया है कि इस एक्ट से सरकार मकसद लोगों से भारी जुर्माना वसूलना नहीं है। इसके जरिए सरकार को लोगों से यातायात पालन करने के लिए जागरूक करना चाहती है। वहीं एक तर्क में उन्होंने जुर्माने की राशि को भी ज्यादा नहीं बताया है।

नितिन गडकरी कहते है कि 1988 में मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना 500 रुपयें तय की गई थी। आज के समय से वह पांच हजार के बराबर ही है। इसलिए उनलोगों को समझना चाहिए कि सरकार द्वारा जारी किया गया जुर्माना अधिक नहीं है।

लेकिन इस जुर्माने की राशि को लेकर जो खबरें आ रही है, वो परेशान करने वाली है। एक तरफ सरकार का यह तर्क है कि जुर्माने की राशि बिलकुल सही है। इसलिए इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

लेकिन यह भी सच्चाई है कि देश में आम लोगों की आमदनी उतनी नहीं है कि वे इतना भारी जुर्मानी दे सकें। इसलिए आएं दिन लोगों का रोष इस नए एक्ट पर देखने को मिलता है।

अभी हाल ही में एक ट्रक ड्राइवर पर 1.41 लाख रुपयें की जुर्माना लगाया गया था। यह अब तक के सबसे ज्यादा जुर्माने की राशि है। यह जुर्माना ट्रक ड्राइवर पर विभिन्न कानूनों का उल्लंघन करने के लिए लगाया गया था।

वहीं बुधवार रात जहांगीरपुरी इलाके में ओवरलोडिंग सहित विभिन्न अपराधों के लिए एक ट्रक के चालक और मालिक को 2 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया। हरियाणा में पंजीकृत ट्रक भलस्वा की ओर से जा रहा था। मुबारक चौक जब इसे रोका गया और इसकी अनुमन्य लोडिंग सीमा से 18 टन अधिक पाया गया।

ओवरलोडिंग, बिना लाइसेंस, ड्राइविंग सर्टिफिकेट, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन अंडर टेस्ट (पीयूसी) सर्टिफिकेट के तहत ड्राइविंग और सीट बेल्ट न लगाने सहित विभिन्न अपराधों के लिए वाहन का कुल 2,00,500 रुपयें का चालान किया गया था।

ट्रक में लदे निर्माण सामग्री को नहीं ढकने के लिए 20,000 के साथ दंडित किया गया था। ट्रक चालक और मालिक को ओवरलोडिंग के लिए 20,000 रुपयें का जुर्माना और 36,000 का अतिरिक्त जुर्माना ड्राइविंग स्पीड से ऊपर ले जाने पर 36,000 रुपयें का जुर्माना लगाया गया।

इसके साथ ही ओवरलोडिंग सामग्री के प्रत्येक अतिरिक्त टन के लिए 2,000 रुपयें का जुर्माना किया गया। ओवरलोडिंग के लिए ट्रक ड्राइवर पर 56,000 रुपयें का जुर्माना लगाया गया।

वहीं अन्य ट्रैफ़िक उल्लंघनों के लिए 70,000 रुपयें और मालिक पर विभिन्न उल्लंघनों के लिए 74,500 रुपयें का जुर्माना लगाया गया, जिसकी कुल राशि 2,00,500 थी। हालांकि मालिक द्वारा गुरुवार को रोहिणी अदालत में जुर्माना अदा किया गया है।


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