दिल्ली में ऑड-ईवन नियमों का उल्लंघन करना पड़ सकता है महंगा, 4 नवंबर से लागू होंगे नए नियम
दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन फॉर्मूला को लागू करने की घोषणा कर दिया है। दिल्ली में ऑड-ईवन4 नवंबर से लागू होगा और 15 नवंबर तक चलेगा। इस बात की घोषणा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया था।

लेकिन इस बार के ऑड ईवेन पहले जैसा बिलकुल नहीं है। इसलिए आपको यातायात नियमों को लेकर ज्याद सजग रहने की जरूरत है। क्योंकि इस बार यातायात नियमों की अनदेखी करना आपको महंगा पड़ सकता है।

दरअसल नए मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक अब दिल्ली में ऑड ईवेन के उल्लंघन पर 20 हजार रुपयें देने होंगे, जबकि पहले यह 2000 रुपयें था।

आपको बता दें कि नए मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 115 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वो अपने हिसाब से दिल्ली में ऑड-ईवेन के उल्लंघन पर जुर्माना लगा सकती हैं।

हालांकि नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर अरविंद केजरीवाल ने अपना विरोध जाहिर किया था। इसलिए अब यह देखना होगा कि ऑड ईवेन जिसकी घोषणा उन्होंने खुद की है, क्या उसमें लगने वाली भारी जुर्माने राशि को वह घटाते है कि नहीं।

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली में ट्रैफिक चालान की राशि को घटाया जा सकता है। क्योंकि केजरीवाल की माने तो कानून में एक ऐसा प्रावधान है कि अगर नियमों की वजह से दिल्ली के लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है, तो दिल्ली सरकार वैसे कानून को संसोधित कर सकती है।

इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि यह उल्लंघन एक यौगिक अपराध होगा और मोटर चालक प्रवर्तन एजेंसी - यातायात पुलिस, परिवहन विभाग या एसडीएम को जुर्माना का भुगतान करने में सक्षम होंगे।

हालांकि दिल्ली सरकार अभी तक बढ़े हुए जुर्माने को अधिसूचित नहीं कर पाई है। राज्य के पास इसे कम करने की शक्ति है, क्योंकि अपराध जटिल है। "जब से केंद्र ने ऑड-ईवन स्कीम के उल्लंघन की नई श्रेणी बनाई है, दिल्ली सरकार जुर्माना कम कर सकती है। हालांकि, हम अभी भी संशोधनों की जांच कर रहे हैं और जल्द ही अंतिम फैसला ले सकते हैं। '

दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो अपनी निजी कारों में दिल्ली से बाहर से आते हैं और नवंबर में इस योजना के कार्यान्वयन के बारे में उन्हें जानकारी नहीं हो सकती है। ऐसे में इस पर लगने वाला भारी जुर्माना उनकी मुसीबत बढ़ा सकता है।

दिल्ली सरकार ने जब अप्रैल 2016 में इस योजना को लागू किया था, तो 7,300 मोटर चालकों पर जुर्माना लगाया गया और 1.5 करोड़ रुपये जुर्माना के रूप में एकत्र किया गया।

वहीं 1 से 16 जनवरी के बीच ऑड-ईवन के पहले संस्करण में, प्रवर्तन एजेंसियों ने 10,021 मोटर चालकों को दंडित किया था और जुर्माना के रूप में 2 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए थे।


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