डैटसन गो और गो प्लस ऑटोमैटिक वैरिएंट 23 सितंबर को होगी लॉन्च
भारत में ऑटोमेटिक ट्रासंमिशन वाले वाहनों की मांग बहुत ही तेजी से बढ़ी है। हाल के दिनों में देश में ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाले वाहनों की लोकप्रियता देख कई ऑटो निर्माताओं ने अपने उत्पाद को अपडेट या ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के साथ पेश किया है।

इस लिस्ट में अब डैटसन भी शामिल हो गई है। भारतीय बाजार में उपलब्ध डैटसन गो और गो प्लस मॉडल के लिए कंपनी सीवीटी वैरिएंट लॉन्च करने जा रही है।

हालांकि इस सेगमेंट के सभी प्रतिद्वंद्वियों जैसे मारुति वैगनआर, हुंडई सैंट्रो और टाटा टियागो ने काफी समय से और सभी के लिए इस सुविधा की पेशकश की है। इनके कई उत्पाद एमटी विकल्प के साथ बाजार में उपलब्ध हैं।

कंपनी डैटसन गो और गो प्लस पर अधिक परिष्कृत सीवीटी ट्रांसमिशन तकनीक की पेशकश करेगा। फिलहाल डैटसन गो और गो प्लस दोनों 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन द्वारा संचालित होते हैं जो 68पीएस की पावर और 104एनएम का टार्क पैदा करता है।

यह अब तक केवल 5-स्पीड मैनुअल के साथ उपलब्ध था, जिसमें 19.83किमी/ घंटे का दावा किया गया था। यह इंजन अभी भी केवल बीएस 4-अनुपालन है और आगामी बीएस 6 उत्सर्जन मानदंडों के लिए अद्यतन होने के कारण है।

वहीं इसका गियरबॉक्स सीवीटी का होगा जिसे डैटसन की मूल कंपनी निसान ने माइक्रा पर इस्तेमाल किया है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह इंजन सुचारू और क्रियात्मक प्रदर्शन और अच्छी ईंधन दक्षता प्रदान करेगा।

इस सेगमेंट के लिए सीवीटी ट्रांसमिशन काफी कुशल ईंधन हो सकता है। हालांकि, लागत अपने प्रतिद्वंद्वियों द्वारा उपयोग की जाने वाली एएमटी तकनीक की तुलना में बहुत अधिक है।

वहीं गो प्लस एमपीवी के लिए भारतीय बाजार में रेनॉल्ट ट्राइबर के अलावा और कोई प्रत्यक्ष प्रतिद्वंद्वी नहीं था। हालांकि लॉन्च के समय ट्राइबर में भी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प उपलब्ध नहीं था।

हालांकि ऐसी उम्मीद की जा रही है कि नए सीवीटी ऑटो को केवल गो और गो प्लस के टॉप वेरिएंट पर पेश किया जाएगा, जिनकी कीमत 5.17 लाख रुपये और 5.94 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) है।

वहीं ऐसी संभावना है कि सीवीटी के अलावा दोनों के कीमत में लगभग 60,000 रुपये की वृद्धि की संभावना है। लेकिन प्रीमियम सेगमेंट में यह कार लॉन्च होने के बाद बाजार में सबसे सस्ती सीवीटी मॉडल होंगी।


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