बीएस-4 वाहन अप्रैल के बाद भी नहीं होंगे अवैध, ऑटो सेक्टर की हालत सुधारने सरकार ने लिए कई बड़े कदम
भारत की ऑटो इंडस्ट्री की हालत बहुत गिर चुकी है जिस वजह से लाखों नौकरियां भी खतरे में है। इस स्थिति से ऑटो इंडस्ट्री को उबारने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है जिसमें बीएस-4, रजिस्ट्रेशन फीस आदि शामिल है।

आज देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा है कि मार्च 2020 से पहले खरीदे गए वाहन नए बीएस-6 उत्सर्जन मानक लागू होने के बाद भी अवैध नहीं होंगे तथा जब तक उस वाहन का रजिस्ट्रेशन है तब तक उसे चलाया जा सकता है।

पिछले कुछ समय से ग्राहकों के मन में बीएस-4 व बीएस-6 को लेकर कई दुविधाएं थी जिसे अब सरकार ने पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन फीस में भी बढ़त नहीं की जायेगी।

हाल ही में यह खबर थी कि नई वाहनों के रजिस्ट्रेशन व रिन्यूवल फीस को बढ़ाया जाएगा लेकिन अब सरकार ने इस पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है ताकि वाहनों की बिक्री बनी रहे।

साथ ही वित्त मंत्री ने मार्च 2020 से पुराने वाहनों के बेचने में मिलने वाली दर को बढ़ाने की घोषणा की है। इसे 15 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। यानि अगर मार्च 2020 के बाद अपने वाहन को बेचते है तो आपको बेहतर रिसेल वैल्यू प्राप्त होगी।

इसके साथ ही ऑटो सेक्टर की हालत को सुधारने के लिए सरकारी विभागों पर नए वाहन खरीदने के लिए लगाए गए बैन को भी हटा दिया है, यहां तक कि इस वजह से सरकारी विभाग पुरानी वाहनों को भी नहीं बदल सकते थे।

लेकिन अब वित्त मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विभागों को पुरानी वाहनों को बदलने के लिए कहा जाएगा ताकि सरकार की तरफ से कारों की बिक्री बढ़ाने में भी भागीदारी हो, यह ऑटो इंडस्ट्री को थोड़ा राहत दे सकती है।

ऑटो इंडस्ट्री पिछले 9 महीने से बिक्री में कमी से जूझ रहा है तथा मारुति सहित कई कंपनियों की बिक्री में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गयी है। इसे भारत की आर्थिक व्यवस्था से भी जोड़ कर देखा जा रहा था इसलिए खुद वित्त मंत्री ने आकर ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ी घोषणाएं की है।

पिछले महीने देश में कारों की बिक्री में पिछले दो दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी थी। इसके साथ ही बाइक व स्कूटर की बिक्री में भी बहुत गिरावट आयी है। इस वजह से कई नौकरियां भी गयी है।

ऑटो इंडस्ट्री में मंदी के चलते इससे जुड़े अन्य क्षेत्र भी प्रभावित हुए है जिसमें से कॉम्पोनेन्ट उद्योग भी शामिल है। वाहनों की उत्पादन में कमी से करीब 10 लाख नौकरियों पर खतरा बताया गया था।

इसके साथ ही डीलरशिप क्षेत्र भी प्रभावित हुए है, माना जा रहा है कि देश में करीब 250 डीलरशिप बिक्री में कमी की वजह से बंद हो चुके है तथा इससे जुड़े हजारों लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
सरकार का यह कदम सराहनीय है लेकिन इससे कोई खास फर्क नहीं आने वाला है। सियाम (SIAM) सहित कई संस्थाओ ने वाहनों पर जीएसटी कम करने की मांग की थी जिस पर वित्त मंत्री ने कुछ नहीं कहा है। हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहन पर जीएसटी दर घटाएं गए थे, सरकार पर लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के आरोप लगाएं जा रहे है।


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