बिहार सरकार राज्य में शुरू करेगी 30 नई सीएनजी बसें, राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने का लिया लक्ष्य
बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम ने मार्च 2020 से शहर में 30 नई सीएनजी बसें शुरू करने और अगले साल के अंत तक 100 मौजूदा डीजल चालित बसों को सीएनजी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है।

बिहार सड़क परिवहन निगम ने 30 सीएनजी बसों सहित 200 नए एसी और गैर-एसी बसों की खरीद के लिए बोली प्रक्रिया शुरू कर चुकि है। निगम का मानना है कि सीएनजी बसों से शहर में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लाया जा सकेगा।

बिहार सरकार 31 मार्च 2021 के बाद से राज्य में डीजल से चलने वाले सभी ऑटोरिक्शा पर प्रतिबंध लगाने जा रही है।

राज्य सरकार का मानना है कि सीएनजी एक साफ, किफायती और ईको-फ्रेंडली ईंधन का विकल्प है, इसलिए इसे बढ़ावा मिलना चाहिए।

पटना में डीजल और पेट्रोल क्रमशः 71.45 रुपये और 79.64 रुपये प्रति लीटर बिक रहे हैं, जबकि एक किलोग्राम सीएनजी की कीमत सिर्फ 63.47 रुपये है।

इतना ही नहीं, सीएनजी गाड़ियों के रख-रखाव में भी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के मुकाबले कम खर्च आता है। जानकारों के अनुसार वाहन में लगा सीएनजी सिलेंडर सुरक्षित जगह पर लगा होता है, इसलिए लीक होने की समस्या नहीं आती है।

ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार शहर में सिर्फ तीन सीएनजी स्टेशन हैं। शहर में अगले साल मार्च तक 10 नए सीएनजी स्टेशन खोल दिए जाएंगे, इसको लेकर गेल के अधिकारीयों से बात चल रही है।

गेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शहर में जल्द ही दो नए सीएनजी स्टेशन खोले जाएंगे। दिसंबर के अंत तक सुगना मोड़ में जबकि जनवरी में नौबतपुर में सीएनजी स्टेशन खोल दिया जाएगा।

सीएनजी वाहनों की लागत डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों से कम होती है, जिससे चालक को बेहतर व्यवसायिक लाभ मिल सकता है। हालांकि, सीएनजी स्टेशनों की कमी के कारण सीएनजी वाहन सीमित संख्या में की इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक ऐतहासिक कदम होगा।


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