ऑटोमोबाइल में जीएसटी दर नहीं होगी कम, जीएसटी परिषद ने लिया फैसला
ऑटोमोबाइल में जीएसटी दर को कम नहीं किया जाएगा, हाल ही में जीएसटी परिषद ने अपनी बैठक में यह फैसला सुनाया है। पिछले कुछ समय से ऑटो इंडस्ट्री द्वारा जीएसटी दर को कम किये जाने की बात कही जा रही थी।

हाल ही में जीएसटी परिषद ने बैठक में ऑटोमोबाइल में जीएसटी दर को कम नहीं करने का निर्णय लिया है। देश की ऑटो इंडस्ट्री बिक्री में कमी से जूझ रहा है तथा दशकों के निचले स्तर पर आ गयी है।

मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प सहित कई बड़ी कंपनियों की बिक्री में पिछले दस महीनों से जबरदस्त गिरावट दर्ज की जा रही है और इसका कारण वाहनों की बढ़ी हुई कीमत को बताया जा रहा है।

वाहनों की कीमत को कम करने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा सरकार से जीएसटी दर को कम किये जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन जीएसटी परिषद ने इसको पूरी तरह से नकार दिया है।

जीएसटी परिषद ने ऑटोमोबाइल पर जीएसटी दर कम करने की कोई भी घोषणा नहीं की है यानि कार व बाइक की कीमत उतनी ही बनी रहेगी। वर्तमान में वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगायी जा रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार अगर ऑटोमोबाइल सेक्टर में जीएसटी को कम किया जाता तो सरकार को प्रतिवर्ष 50,000 करोड़ रुपयें की हानि होती, जिसमें से 22 हजार करोड़ रुपयें सिर्फ ऑटो कम्पोनेंट के शामिल है।

ऑटो इंडस्ट्री में सुस्ती के चलते मारुति सुजुकी, महिंद्रा जैसी कई कंपनियों ने अपना उत्पादन कई दिनों तक फैसला किया है। वाहनों की मांग व बिक्री में सामंजस्य बिठाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

पिछले कुछ समय से ग्राहकों को भी वाहनों में जीएसटी दर घटाये जाने की उम्मीद थी लेकिन अब यह फैसला आने के बाद ग्राहकों को वाहन खरीदने में कोई हिचक नहीं होगी तथा बिक्री में बढ़त देखी जा सकती है।

हालांकि देश के ऑटो सेक्टर की हालत पर चिंता जताते हुए सरकार ने वाहनों के बढ़े हुए रजिस्ट्रेशन फीस को थोड़े समय के लिए रोक दिया है तथा पुराने वाहनों को कबाड़ करने पर टैक्स में छूट देने की बात कही है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश के अर्थव्यवस्था में ऑटो इंडस्ट्री का बहुत ही बड़ा योगदान है तथा जीएसटी दर कम करने से यह बहुत हद तक प्रभावित होगा इसलिए सरकार ऑटोमोबाइल पर जीएसटी कम करने से हिचक रही है।


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