टाटा पावर और HPCL आए साथ - पर क्या इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगी गति?
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए दो महारथि साथ आए हैं। जी हां, टाटा पावर और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने हाथ मिलाया है। इस साझादारी के तहत दोनों कंपनियां मिलकर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप के साथ ही देश के अन्य ठिकानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन विकसीत करेंगी।

टाटा पावर और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के प्लान के तहत सभी तरह के इलेट्रिक वाहनों वाहनों जैसे कि, ऑटो रिक्शा, टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और साथ ही हैवी बड़े व्हीकल के लिए चार्जिंग कि सुविधा होगी। इतना ही नहीं दोनों दिग्गज कंपनियां नवीकरणीय ऊर्जा अर्थात वापस पैदा की जा सकने वाली ऊर्जा के विकास और रिसर्च पर भी काम करेंगे।

टाटा पावर के सीईओ और प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर सिन्हा ने कहा कि, "एचपीसीएल के साथ हमारी साझेदारी की घोषणा करने से हम प्रसन्न हैं। यह पारंपरिक सीमाओं से परे हमारे ग्राहकों को हमारी सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

उन्होंने आगे कहा कि, "भारत भर में प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों की सेवा करके, टाटा पावर देश में ईलेक्ट्रिक व्हीकल के मजबूत प्रवेश को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इस प्रकार यह पर्यावरण के टिकाऊ तरीके से भारत के भविष्य को शक्ति देने के लिए हमारी वचनबद्धता को पूरा करेगा।"

टाटा पावर के राहुल शाह ने कहा कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा और पावर चार्जिंग स्टेशन को विकसीत करने में हमेशा से ही अग्रणी रही है और उसके लिए लगातार प्रयास भी करती रही है। रालुल ने कहा कि, "एचपीसीएल के साथ हमारी पार्टनरशीप हमें राष्ट्रीय स्तर पर हमारे ईवी के बुनियादी ढांचे को मापने के साथ-साथ हमारे ग्राहकों को विश्व स्तरीय सेवाओं के साथ प्रदान करने में मदद करेगा"

इस बीच, एचपीसीएल के रजनीश मेहता ने कहा, "एचपीसीएल में, हम व्यवसाय विविधीकरण और भविष्य के तैयार होने में दृढ़ विश्वास हैं। विद्युत वाहनों को स्वीकार कर लेने में एक बड़ी बाधा है जो देशव्यापी चार्जिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना के माध्यम से संबोधित करने की आवश्यकता है। हम मानते हैं कि चार्जिंग स्टेशनों का एक मजबूत नेटवर्क ईवी की बाजार स्वीकार्यता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो अंतिम दुरी तक की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा और इस तरह ईलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक रूप से अपनाने में मदद करेगा। "
* सभी तस्वीरें सिर्फ सांकेतिक तौर पर इस्तेमाल की गई हैं।

टाटा पावर और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम जैसी बड़ी कंपनियों का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए साथ आना एक सोचा समझा कदम है। सबको पता है कि आनेवाला समय इलेक्ट्रिक वाहनों का ही होने वाला है। आधूनिक देश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन भारत इसमें अभी काफी पीछे और धीमा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भारत के धीमेपन और पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सही इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है।
हालांकि अभी भारत सरकार भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति पुरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। इसका कुछ असर होता भी दिख रहा है। बड़ी बड़ी ऑटोमेकर कंपनियों ने अब भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में निवेश करना भी शुरू किया है। इसके साथ ही अब टाटा पावर और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा इलेक्ट्रिक पावर चार्जिंग स्टेशन विकसीत किये जाने से निश्चित ही भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बड़ा बल मिलेगा।


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