पुणे ट्रैफिक पुलिस ने 8 महिने में वसूला 22 करोड़ से अधिक का जुर्माना
पुणे ट्रैफिक पुलिस ने नियम लागू करने और जुर्माना वसुलने में एक नया कीर्तिमान हासिल किया है। जी हां जनवरी से लेकर अब तक सिर्फ जुर्माने के रूप में पुणे ट्रैफिक पुलिस ने कुल 22.55 करोड़ रुपए से अधिक की वसुली की है। इस बात की जानकारी खुद ट्रैफिक पुलिस ने सार्वजनिक की है।

नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माना वसुलने के अलावा पुणे पुलिस ने एक और मुहिम चला रखी है, जिसे 'नेम और शेम' नाम दिया गया है। नेम और शेम के तहत पुलिस बड़े और रेग्यूलर तौर पर नियम तोड़ने वालों का नाम और गुनाह तमाम सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर देती है। उन्होंने टॉप 200 नियम तोड़नेवालों का सीसीटीवी विडियो तक जारी कर दिया है।

सीसीटीवी लगा देने से पुलिस का काम काफी आसान हो गया है। सीसीटीवी में पकड़े जाने पर नियम तोड़ने वाले को ई-चालान भेज दिया जाता है। ई-चालान मिलने के बाद नियम तोड़ने वालों को पुणे ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट www.punetrafficcop.net. पर जाकर जुर्माना भरना होता है।

पुणे ट्रैफिक पुलिस ने जो आंकड़ा जारी किया है उसके मुताबिक 1 जनवरी 2018 से 31 अगस्त 2018 अर्थात 8 महिने में कुल 10,18,560 केस दर्ज किये गए और कुल 22,54,62,250 रुपए का जुर्माना वसुला गया।

इस दौरान ट्रैफिक के जो नियम तोड़े गए उसमें सिग्नल तोड़ना, जे़ब्रा क्रॉसिंग से आगे बढ़ जाना, नो-पार्किंग में गाड़ी पार्क करना, बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, ड्राइविंग के दौरान सीट बेल्ट न पहनना, ड्राइविंग या राइडिंग के दौरान मोबाइल पर बात करना ईत्यादि शामिल है। इन सबमें सबसे अधिक बार जिस नियम को तोड़ा गया और जिससे सबसे अधिक जुर्माना जमा किया गया वो है जे़ब्रा क्रॉसिंग से आगे बढ़ जाना। ज़ेब्रा क्रॉसिंग का नियम तोड़ने के लिए कुल 6,74,76,800 रुपए वसुला गया।

भारत में जब ट्रैफिक नियम फॉलो करने की बात आती है तो भारतीय इसमें काफी लापरवाही करते हैं। शहरों में तो फिर भी पुलिस की कड़ाई के कारण थोड़ा बहुत नियम फॉलो हो जाता है लेकिन ग्रामिण इलाकों और अर्ध ग्रामिण शहरों में तो स्थिति बेहद ही खराब है। हालांकि अन्य शहरों को भी पुणे पुलिस की ये प्रेरणा लेनी चाहिये और ट्रैफिक नियमों को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए।


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