मुंबई में पेट्रोल 91 के पार, डीजल भी पहुंचा 80 रुपए प्रति-लीटर
पेट्रोल और डीजल की कीमतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बढ़ते पेट्रोल-डीजल की कीमतों के कारण महंगाई भी बढ़ रही है और आम लोगों पर इसका सीधा-सीधा असल हो रहा है। कई बड़े शहरों में तो पेट्रोल 90 के पार पहुंच गया है। मुंबई में ही पेट्रोल 91.08 रुपए प्रति-लीटर और डीजल 79.72 रुपए प्रति-लीटर पर पहुंच गया है।

वैसे तो पुरे देश में पेट्रोल की कीमतें दिन-दुगनी रात चौगुनी बढ़ रही हैं लेकिन महाराष्ट्र में इसके इतने ऊंचे होने का कारण राज्य का VAT (वैल्यू एडेड टैक्स) है जो कि 39 प्रतिशत है। इसके साथ ही उसमें 9 रुपए सरचार्ज पेट्रोल पर और 1 रुपए सरचार्ज डीजल पर लगता है। इसके अलावा इसमें सेंटर का टैक्स भी लगता है जिससे कीमतें इतनी ऊंची है। पेट्रोल पर मुंबई, नवी मुंबई और थाणे में वैट 25 प्रतिशत है और अन्य शहरों में 26 प्रतिशत है। वहीं डीजल पर मुंबई, नवी मुंबई और थाणे में वैट 21 प्रतिशत लगता है और अन्य शहरों में 22 प्रतिशत।
जानें अपने शहर में पेट्रोल की ताजा कीमतें
जानें अपने शहर में डीजल की ताजा कीमतें

हालांकि अन्य कई शहरों जैसे दिल्ली, कोलकाता ईत्यादि में फ्यूल की कीमतें मुंबई से थोड़ी कम है, जिसका कारण उस राज्य के टैक्स का थोड़ा कम होना है। पुरे देश में मुंबई, महाराष्ट्र में फ्यूल टैक्स सबसे ज्यादा है। दिल्ली में पेट्रोल 83.73 रुपए प्रति-लीटर और डीजल 75.09 रुपए प्रति-लीटर और कोलकाता में पेट्रोल 85.53 रुपए प्रति-लीटर और डीजल 76.94 रुपए प्रति-लीटर पर बिक रहा है।

मुंबई, दिल्ली और कोलकाता के अलावा अन्य बड़े शहर जैसे चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहां पेट्रोल 87.05 और डीजल 79.40 रुपए प्रति-लीटर पर पहुंच गया है। बैंगलोर में पेट्रोल 84.40 और डीजल 75.48 रुपए प्रति-लीटर की कीमत से बिक रहा है।

बता दें कि इस वक्त अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत भी कम हो गई है। आज की तारिख में रूपया गिरकर 72 रुपर प्रति डॉलर की वैल्यू पर जा पहुंचा है। हाल ही में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर ही विपक्ष ने भारत बंद प्रदर्शन किया था।

सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल की इन बढ़ती कीमतों के लिए अंतराष्ट्रिय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार बताया रहा है। लेकिन इसके पीछे और भी कई कारण है। जैसे केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले एक्साइज ड्यूटी और वैट।

पेट्रोल की कीमत में वैट भी शामिल होता है, जो कि अलग अलग राज्यों में अलग अलग हो सकता है। देश के करीब 26 राज्यों में यह दर 25 फीसद की है। राज्य के रेवेन्यू में इस पेट्रोल वैट का बहुत बड़ा हिस्सा होता है।

डीजल की रिटेल सेलिंग प्राइज में 44.6 फीसद हिस्सा टैक्स का होता है। वहीं पेट्रोल की रिटेल सेलिंग प्राइज में 51.6 फीसद हिस्सा टैक्स का होता है। यही कारण है कि तमाम राज्य और केंद्र सरकारें पेट्रोल-डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाए जाने का विरोध कर रहीं हैं।

यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इनकी कीमतें धड़ाम से नीचें गिर जाएंगी। उदाहरण के लिए अगर अभी सरकार पेट्रोल की कीमत को जीएसटी के ऊंचे दर वाले स्लैब (18 फीसदी) में भी रखती है तो इसकी कीमत करीब 50 रुपये लीटर हो जाएगी।


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