पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपए तक की कमी
आम जानता के लिए थोड़ी राहत की खबर आई है। जी हां, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपए तक की कमी होने वाली है। भारत सरकार ने प्रति-लीटर 1.50 रुपए की एक्साइज़ ड्यूटी कम की है और तेल कंपनियों से भी 1 रुपए प्रति लीटर दाम घटाने को कहा है जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल 2.50 रुपए प्रति-लीटर तक की कमी आएगी। नईं कीमतें 5 अक्टूबर 2018 से लागू होगी।

हमने आपको पहले ही बताया था कि महाराष्ट्र में पूरे देश में पेट्रोल-डीजल सबसे महंगे दाम पर बिक रहा है। अब महाराष्ट्र और गूजरात राज्य सरकार ने सेल टैक्स और वैट में कमी की है जिससे इन राज्यों में कीमतें 5 रुपए प्रति-लीटर तक कम हो गई है। भारत सरकार द्वारा एक्साइज़ ड्यूटी कम करने के कारण सरकार को करीब 10,500 करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है लेकिन जब कीमतें नियंत्रण से बाहर जा रही हों तो ऐसे कदम उठाना जरूरी है।
देखें अपने शहर में पेट्रोल की ताजा कीमतें
देखें अपने शहर में डीजल की ताजा कीमतें

एग्साइज ड्यूटी में कमी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 81.51 प्रति लीटर और डीजल 72.95 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। हालांकि कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों ने वैट में कमी नहीं की है। कर्नाटक ने पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की कमी की थी।

एक्साइज़ ड्यूटी घटाने के बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि पुरे वित्तिय वर्ष में इससे खजाने पर 21 हजार करोड़ रुपए का असर पडे़गा। हालांकि जब अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचें गिर गई थीं तो सरकार ने उसपर टैक्स बढ़ाकर इससे कहीं ज्यादा गुना रकम वसूले थे। तेल कंपनियों द्वारा 1 रुपए प्रति लीटर दाम घटाने के विषय पर बोलते हुए जेटली ने कहा कि वो भविष्य में इसे रिकवर कर लेंगी।

जैसा की हमने पहले भी खबर दी थी कि देश में पेट्रोल और डीजल अपने रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। मुंबई में तो पेट्रोल की कीमतें 91 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गए थे। लोगों को डर था कि कहीं कीतमें थ्री-डिजिट के पार न चली जाए, क्योंकि इससे जनता तो परेशान होती ही पेट्रोल टंकीयो के प्राइस मीटर में इससे शो करने की सुविधा नहीं थी।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों को घटाकर सरकार ने भले ही कुछ राहत दी हो पर ये बेहद मामूली है। क्योंकि अंतराष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमतें 35 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी तबसे लगातार सरकार ने इसपर टैक्स बढ़ाया और तेल की कीमतों में आई कमी का जनता को फायदा नहीं हुई। फायदा जनता की जेब में जाने की बजाय सरकार ने अपना खजाना भरा। अब जब कीमतें एक बार फिर बढ़ने लगी हैं, तो सरकान ने एकदम मामूली राहत दी है।


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