Pal-V flying car: हवा में उड़ने वाली कार की प्री-बुकिंग हुई शुरू, जानिए क्या है इसमें खास
नीदरलैंड की कंपनी पाल वी ने दुनिया के सामने पहली उड़ने वाली रोड़ेबल कार को पेश किया है। बेहद ही आकर्षक लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी इस कार को देखकर शायद आपके मुंह से भी वॉह ही निकलेगा।
जब आप अपनी कार को लेकर शहर के भीषण ट्रैफिक जाम से गुजरते हैं तो बरबस ही आपके जेहन में ये ख्याल जरूर आता होगा कि, शायद आप अपनी कार को उड़ा सकतें। ये ख्याल भले ही बचकाना लगता हो लेकिन इसमें कहीं न कहीं वैज्ञानिक जिज्ञासा भी छीपी होती है। बेशक आप अपनी कार को उड़ा नहीं सकते हैं लेकिन एक उड़ने वाली कार के सफर का मजा जरूर ले सकते हैं। आप सोच रहे होंगे कि भला ये कैसे संभव है। लेकिन आपको बता दें कि, दुनिया की अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनी ने इस ख्वाब को हकीकत का रूप दे दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने दुनिया की पहली उड़ने वाली कार की बिक्री के लिए प्री-बुकिंग भी शुरू कर दी है।

ड्च या फिर ये कहें की नीदरलैंड की कंपनी पाल वी ने दुनिया के सामने पहली उड़ने वाली रोड़ेबल कार को पेश किया है। बेहद ही आकर्षक लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी इस कार को देखकर शायद आपके मुंह से भी वॉह ही निकलेगा। 20 वर्षों के अथक प्रयास के बाद (Pal-V) फ्लाइंग कार को तैयार किया गया है। कंपनी ने सन 1999 में पहली बार इस तकनीकी पर काम करना शुरू किया था। धीमें धीमें समय के साथ आखिरकार कई सफलताओं और असफलताओं की चाशनी चखने के बाद कंपनी इस कार को आधिकारिक रूप से बिक्री के लिए पेश कर चुकी है। इस कार की कीमत 2.89 करोड़ रुपये है।

दरअसल ये एक थ्री व्हील कार है और इसमें नॉर्मल ड्राइविंग और फ्लाइंग दोनों ही मोड को शामिल किया गयाहै। इस कार का कुल वजन 664 किलोग्राम है। कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार ये कार सड़क पर एक बार में 1287 किलोमीटर और हवा में तकरीबन 482 किलोमीटर तक का सफर करने में सक्षम है। इसके अलावा आप इस कार को सड़क पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा और हवा में 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ा सकते हैं।

इस कार में कंपनी ने दो अलग अलग तरह के इंजन का प्रयोग किया है। ये पूरी तरह एरोप्लेन सर्टिफाइड इंजन है जो सामान्य तौर पर रनवे पर दौड़ने वाले कार और हवा में उड़ने वाले चॉपर की तरह व्यवहार करने में सक्षम है। सामान्य ड्राइविंग मोड से फ्लाइंग मोड में बदलने के लिए इस कार को महज 10 मिनट का ही समय लगता है। यानि कि यदि आप ट्रैफिक जाम में फंसे है और वहां से निकलना चाहते हैं तो आपको केवल मोड को चेंज करना होगा और अगले 10 मिनट में आप हवा से बातें करते नजर आयेंगे।

नई फ्लाइंग कार में जो इंजन लगाया गया है उसे अग्रणी एविएशन इंजन निर्माता कंपनी 'रोटेक्स' ने तैयार किया है। इसके अलावा इस कार को लैंड करने के लिए तकरीबन 330 मीटर की जगह चाहिए होगी। कंपनी ने इस कार को सामान्य लोगों के लिए उपलब्ध कराने से पहले कई बार टेस्ट किया। बीते साल 2008/2009 और 2011/2012 में कई बार इस कार का परीक्षण किया गया। टेस्टिंग में पूरी तरह से सफल होने के बाद ही कंपनी ने इस कार को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया है। फिलहाल ये कार ब्रिटेन, नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में बिक्री के लिए उपलब्ध है।

पाल वी फ्लाइंग कार का तकनीकी विवरण:
- बैठने की क्षमता: 2 व्यक्ति
- कुल वजन: 664 किलोग्राम
- बैगेज लोड की क्षमता: 20 किलोग्राम
- अधिकतम टेक आॅफ लोड क्षमता: 910 किलोग्राम
- फ्यूल टाइप: यूरो 95, यूरो 98, ई10
- ईंधन क्षमता: 100 लीटर
- लंबाई: 4 मीटर
- चौड़ाई: 2 मीटर
- उंचाई: 1.7 मीटर
- लंबाई: 6.1 मीटर
- चौड़ाई: 2 मीटर
- उंचाई: 3.2 मीटर
ड्राइविंग मोड में आकार:
फ्लाइंग मोड में आकार:

यदि इस कार के ड्राइविंग मोड की बात करें तो इसमें एक साथ दो लोगों के बैठने की व्यवस्था है। ये कार सामान्य सड़क पर अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है। इसके अलावा इसका एक्जेलरेशन भी कमाल का है, ये कार महज 9 सेकेंड में ही 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है। इसमें लगा इंजन 100 हॉर्स पॉवर की शक्ति उत्पन्न करता है और 100 किलोमीटर तक का सफर करने के लिए ये इंजन 7.6 लीटर ईंधन का खपत करती है।

इसके अलावा फ्लाइंड मोड में आप इस कार को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ा सकते हैं। दस दौरान इस कार का इंजन 200 हॉर्स पॉवर की शक्ति उत्पन्न करता है। हवा में उड़ने के दौरान इसका इंजन 26 लीटर प्रतिघंटा की दर से ईंधन की खपत करता है। अब ये आप पर निर्भर करता है कि आप एक घंटे में कितनी दूरी तय करते हैं। इस कार में विशेष प्रकार का ईंधन प्रयुक्त होता है जो कि इस कार को सड़क पर दौड़ने के साथ साथ हवा में भी उड़ने में मदद करता है।

आखिर क्या होगी लाइसेंस प्रक्रिया:
इस कार के बारे में जानने के बाद आपके जेहन में ये सवाल जरूर आया होगा कि, क्या आप इस कार को सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ड्राइव कर सकते हैं। तो जैसा कि हमने आपको पूर्व में ही बताया कि फिलहाल इस कार को नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन में ही बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। कंपनी ने इन देशों की सरकार के साथ विशेष प्रकार के लाइसेंस की अनुमति प्राप्त की है। इसके अलावा कंपनी कार की डिलिवरी से पूर्व आपको स्पेशल ट्रेनिंग देगी और उसी के बाद आपको इसे ड्राइव करने के लिए लाइसेंस उपलब्ध कराया जायेगा। वहीं भारत में इस कार को आने में अभी वक्त लगेगा या फिर ये कब तक आयेगा इसके बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। भारत में मोटर व्हीकल एक्ट और उसके नियम अन्य देशों से भिन्न हैं तो जाहिर सी बात है कि यहां पर इसके लाइसेंस के बारे में बात करना अभी उचित नहीं है। फिलहाल हमें उम्मीद है कि निकट भविष्य में ये कार हमारे देश के आसमान में भी कुलांचे भरती दिखेगी। कंपनी ने इसकी प्री बुकिंग शुरू कर दी है, प्राप्त जानकारी के अनुसार इस फ्लाइंग कार की डिलिवरी 2020 तक शुरू कर दी जायेगी। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि भला इस उड़न तस्तरी का पहला चालक कौन होगा।

कैसे मिला ये आईडिया:
जैसा कि हर सफलता के पीछे एक कहानी होती है इस फ्लाइंग कार के पीछे भी एक बेहद ही शानदार अतीत है। कंपनी ने को फाउंडर जॉन बेकर एक प्रोफेशनल पायलट है। उन्होनें अपना अनुभव साझा करते हुए बताया है कि उन्हें अपना प्लेन लैंड करने के बाद अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कार का इस्तेमाल करना पड़ता था। कई बार ऐसा भी होता था कि वो उन्हें अपनी कार से दूर अनचाहे जगह पर लैंड करना पड़ता था। इसके अलावा जब उन्हें अगली उड़ान भरनी होती थी तो फिर से उन्हें कार के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचना पड़ता था। ये रोज की आवाजाही ने ही जॉन के दिमाग में इस विचित्र लेकिन अनोखे विचार को जन्म दिया और उन्होनें सोचा कि शायद किसी ऐसे वाहन का निर्माण किया जाये जो हवा में भी उड़े और जब इच्छा हो उसे एक सामान्य कार की तरह सड़क पर भी दौड़ाया जा सके। इस अनोखी कहानी का जन्म जॉन के जेहन में सन 1999 में आया था।
Image Courtesy: Pal-V


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