प्रदूषण के चलते दिल्ली में फिर लागू होगा ऑड-इवन नियम
देश की राजधानी दिल्ली की हवा बीते कुछ दिनों से एक बार फिर से खराब हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और उसके आस पास के इलाकों में हवा में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बढ़ गया है।
देश की राजधानी दिल्ली की हवा बीते कुछ दिनों से एक बार फिर से खराब हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और उसके आस पास के इलाकों में हवा में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बढ़ गया है। यदि समय रहते इस पर लगाम न लगाया गया तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। इस बारे में सूबे के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिये अपने एक बयान में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो दिल्ली में एक बार फिर ऐ ऑड-इवन नियम को लागू किया जायेगा ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। ऑड-इवन के तहत ऑड नंबर और इवन नंबर वाली कारों को अलग अलग दिनों पर चलाने की अनुमति होती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में बीते दिनों दिवाली के बाद से ही हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते कई लोगों को स्वांस संबंधी परेशानियां भी होनी शुरू हो गई है। इसके अलावा बीते दिनों से दिल्ली में ठंड और कोहरे का भी बड़ा असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में वाहनों से निकलने वाला धुआं कोहरे के चलते स्मॉग का रूप ले रहा है और हवा में प्रदूषण का स्तर खतरे के मानक तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में राजधानी में ठंड और भी बढ़ने वाली है ऐसे में मौसम विभाग ने चिंता व्यक्त की है कि यदि वाहनों के प्रयोग पर लगाम नहीं लगाई गई तो प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ेगा।

दरअसल, ऑड-इवन स्कीम राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का हिस्सा है। इसके तहत हवा में प्रदूषण के स्तर की नियमित रूप से जांच की जाती है। इसके लिए शहर के कई भीड़ भाड़ वाले इलाके में एलईडी बोर्ड लगाये गये हैं जिन पर हवा में प्रदूषण के स्तर और स्थिति की जानकारी दी जाती है। ये सिस्टम एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) की जांच करता है। इसके अनुसार बीते 23 दिसंबर को प्रदूषण का स्तर (450 AQI) दूसरी बार सबसे ज्यादा आंका गया है।

प्रदूषण के स्तर में लगातार आ रही बढ़ोतरी को देखते हुए मौसम विभाग ने राजधानी में रहने वाले लोगों को निर्देशित भी किया है कि वो कोशिश करें कि उन्हें ज्यादातर समय घर के बाहर न रहना पड़े। इसके अलावा मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों को भी सुबह के समय प्रदूषण के चलते बाहर न निकलने के निर्देश दिये गये हैं। एक बार फिर से दिल्ली में भारी मात्रा में लोग मास्क का प्रयोग करना शुरू कर दिये हैं।

इसके अलावा दिल्ली सरकार प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में 3,000 नए इको फ्रैंडली बस चलाने जा रही है, ताकि प्रदूषण को बढ़ने से रोका जाये। परिवहन के चलते प्रदूषण के स्तर में काफी बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा दिल्ली में ज्यादातर लोग वाहनों का प्रयोग करते हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील है कि जरूरत पड़ने पर ही वो अपनी कार को सड़कों पर निकालें, कोशिश करें कि वो पब्लिक ट्रांस्पोर्ट का ही इस्तेमाल करें। सड़कों पर जितने कम वाहन होंगे प्रदूषण के स्तर कम करने में उतनी ही मदद मिलेगी।

ऑड-इवन स्कीम को दिल्ली शहर में पहली बार 2016 में लागू किया गया था। इस योजना को जनवरी से लेकर अप्रैल के बीच लागू किया गया था। ऑड-इवन नियम के अनुसार जिन कारों का रजिस्ट्रेशन नंबर सम या विषम संख्या से खत्म होता है उन्हें एक दिन के अंतराल पर चलाने की अनुमति दी जाती है। जिसके वजह से सड़क पर वाहनों की संख्या में कमी आती है और इसके लिए लोग पहले से तैयार भी होते हैं। जब इस नियम को लागू किया गया था उस वक्त सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी लेकिन इससे वाकई में प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। इस नियम के अनुसार यदि कोई ऑड-इवन का उलंघन करता है तो ट्रैफिक पुलिस उसे 2,000 रुपये का फाइन लगाती है।

साल 2016 में जब इसे लागू किया गया था उस वक्त ये नियम केवल चारपहिया वाहनों के लिए ही थी। इसमें दोपहिया वाहनों को राहत दी गई थी। इसके अलावा सरकार ने इस नियम को लागू किये जाने के दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट की एक्सट्रा व्यवस्था भी की थी ताकि इस नियम के चलते किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऑड-इवन नियम पर ड्राइवस्पार्क के विचार:
आपको बता दें कि, दिल्ली एक ऐसा शहर है जहां पर देश के सबसे ज्यादा चारपहिया वाहन हैं। यहां पर ऑड-इवन स्कीम को लागू किया जाना बेहद ही जरुरी है। जब सरकार ने पहली बार इस नियम को लागू किया गया था उस वक्त प्रदूषण के स्तर में भारी कमी देखने को मिली थी। एक बार फिर से राजधानी की हवा में प्रदूषण बढ़ चुका है ऐसे में इस नियम को लागू किया जाना बेहद ही जरूरी है।


Click it and Unblock the Notifications