नई स्ट्रैटजी के साथ भारत में आगे बढ़ेगा निसान - निसान किक्स से होगी शुरुआत
निसान ने भारत में अपनी विकास यात्रा के लिए नई स्ट्रैटजी का एलान किया है। नई योजना के अनुसार भारतीय मार्केट में नए उत्पाद लॉन्च करना, डैटसन और निसान ब्रांड को मजबूत करना, डीलरशीप नेटवर्क बढ़ाना, मैन्यूफैक्चरिंग में निवेश करना और देश में अपना रिसर्च और डेवलपमेंट सुविधाओं को बढ़ाने सहित कई बातें शामिल हैं।

निसान के इस नई योजना की शुरुआत कंपनी की नई अपकमिंग कार किक्स से होगी। निसान किक्स को भारत में जल्द लॉन्च किये जाने की योजना है। बता दें कि ग्लोबल मार्केट में निसान किक्स पहले से बिक रहा है। हालांकि भारत में लॉन्च होनेवाली निसान किक्स ग्लोबल-स्पेक से थोड़ा अलग होगी।

निसान किक्स का जो ग्लोबल-स्पेक मॉडल है वो V प्लेटफॉर्म पर बना है जबकि भारत में लॉन्च होनेवाली किक्स को B0 प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा, चुंकि इसमें खर्च कम आता है। बता दें कि वर्तमान में भारतीय मार्केट में बिक रही रेनॉ डस्टर, निसान टेरेनो और रेनॉ कैप्चर को भी इसी B0 प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है।

निसान किक में पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शन के साथ उपलब्ध होगी और इसमें मौजूदा 1.5 लीटर का पेट्रोल और डीजल इंजन ही दिया जा सकता है। पेट्रोल इंजन 104 बीएचपी की पावर और 142 न्यूटन मीटर का टॉर्क जनरेट करता है वहीं डीजल इंजन 104 बीएचपी की पावर और 240 न्यूटन मीटर का टॉर्क जनरेट करता है।

निसान किक्स के 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन में 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और डीजल में 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स का विकल्प दिया गया है। ग्लोबली निसान किक्स में ऑल-व्हील-ड्राइव का विकल्प मिलता है लेकिन इंडिया स्पेक किक्स में शायद ही ऑल-व्हील-ड्राइव दिया जाए। इसका मुख्य कारण है कि कंपनी इसे किफायती दाम में उतारना चाहती है और इससे निश्चित ही कीमतों पर कुछ असर पड़ेगा। हालांकि निसान किक्स में ऑटोमैटिक का विकल्प दिया जाएगा।

निसान किक्स कंपनी के लिए एक बेहद ही महत्वपूर्ण प्रोडक्ट होने वाला है क्योंकि भारत में ये कंपनी बेहद ही संकट से गुजर रही है। निसान की बेहद कम कारें ही भारतीय मार्केट में उपलब्ध है। हालांकि पिछले कुछ समय से निसान अपने बजट ब्रैंड डैटसन को विकसीस करने में लगा हुआ है। निसान किक्स को भारत में किफायती दाम में उतारा जाएगा। साथ ही इसके डिजाइन और लुक को थोड़ा फंकी और स्टाइलिश रखा जाएगा ताकि युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित किया जा सके। वैसे कंपनी ने अभी तक इसकी कीमतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है लेकिन अनुमान है कि इसे 11 से 16 लाख रुपए एक्स शोरूम के रेंज में उतारा जा सकता है।

निसान मोटर कंपनी लिमिटेड के सीनियर वीपी पेमन करगर ने कहा, "निसान भारत के लिए प्रतिबद्ध है और सफल होने के लिए नींव रखी है। हमारी रणनीति भारत भर में हमारे ग्राहकों के लिए हमारे दोनों ब्रांडों को मजबूत करेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "निसान ब्रांड निसान किक्स से शुरू होने वाले भारत में हमारे ग्राहकों को वैश्विक निसान उत्पादों और प्रौद्योगिकी का सबसे अच्छा लाएगा। डैटसन के लिए, हमारा उद्देश्य मूल्य, कनेक्टिविटी और जापानी इंजीनियरिंग की पेशकश वाले क्षेत्रों में आकर्षक उत्पादों की पेशकश करना है।"

भारत में एक बार लॉन्च हो जाने के बाद निसान किक्स का मुकाबला भारत में बेहद ही तगड़ा होने वाला है। क्योंकि इस सेगमेंट में हुंडई क्रेटा, रेनॉ डस्टर और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी कारें बेहद ही सफल है। निसान किक्स इन कारों को टक्कर तभी दे सकती है जब इसे कम दाम पर उतारा जाए।

पेमन करगर ने कहा, "भारत आने वाले वर्षों में, हम बढ़ेंगे और हमारे कार्यबल भारत में ऑटो उद्योग में आने वाले तकनीकी परिवर्तनों का नेतृत्व करने के लिए अत्यधिक कुशल नौकरियों की ओर बढ़ेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में हमारे परिचालन कक्षा में सबसे अच्छे हैं, और भारत विनिर्माण, इंजीनियरिंग और अनुसंधान और विकास में निसान और गठबंधन के लिए एक और महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र बन गया है। भारत में हमारी रणनीति निवेश करना है प्रतिभा और लोगों में। "

भारत में निसान का निवेश तीन-पक्षीय योजनाओं पर आधारित है: लोग, प्रक्रियाएं और इनोवेशन। इसके आधार पर कंपनी ने अपनी स्ट्रैटजी डिजाइन की है और आनेवाले समय में ये दिखने लगेगा। लेकिन ये तो आनेवाला वक्त ही बताएगा कि निसान भारत में कितना मार्केट शेयर हासिल कर पाता है क्योंकि फिलहाल तो अन्य कंपनियां काफी आगे है।


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