निसान किक्स, मारुति एस क्रॉस और हुंडई क्रेटा: कौन है सबसे बेहतर एसयूवी?
बीते दिनों भारतीय बाजार में मारुति एस क्रॉस, हुंडई क्रेटा और निसान की किक्स को पेश किया गया।
भारतीय बाजार में एसयूवी कारों की मांग में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ती डिमांड के चलते लगभग हर वाहन निर्माता कंपनी इस सेग्मेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बेताब है। बेहतरीन लुक, दमदार इंजन क्षमता और अपनी विशेष उपयोगिता के चलते एसयूवी (स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल) का क्रेज बढ़ रहा है। विशेषकर युवाओं के बीच ये सेग्मेंट खासा लोकप्रिय हो रहा है। बीते दिनों भारतीय बाजार में मारुति एस क्रॉस, हुंडई क्रेटा और निसान की किक्स को पेश किया गया। ये तीनों ही एसयूवी अपने सेग्मेंट में न केवल एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं बल्कि ग्राहकों के जेहन में भी इनको लेकर खासा कन्फ्यूजन है।

निसान ने भारतीय बाजार में जिस किक्स एसयूवी को पेश किया है उसे बीओ प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म का प्रयोग कंपनी ने निसान की अन्य कारों जैसे कैप्चर, डस्टर और टेरानो में भी प्रयोग किया है। फिलहाल कंपनी ने अपनी इस कार को प्रदर्शित मात्र किया है और अगले महीने तक निसान किक्स को आधिकारिक रूप से बिक्री के लिए लांच करेगी। नई निसान किक्स सीधे तौर पर मारुति एस क्रॉस और हुंडई क्रेटा को टक्कर दे रही है। हम आज अपने इस लेख में इन तीनों कारों के बीच एक तुलनात्मक अध्यन करेंगे और आपको बतायेंगे कि आपकी बजट और जरूरत के अनुसार आखिर कौन सी एसयूवी सबसे बेहतर है।

आकार:
निसान किक्स के आकार की बात करें तो ये कार 4384 एमएम लंबी, 1813 एमएम चौड़ी और 1659 एमए उंची है। इसके अलावा इस कार में कंपनी ने 2673 एमएम का व्हीलबेस प्रदान किया है। जो कि अपने सेग्मेंट में सबसे बेहतर है और हुंडई क्रेटा और मारुति एस क्रॉस से ज्यादा है। वहीं हुंडई क्रेटा निसान किक्स की तुलना में तरीबन 9 एमएम ज्यादा उंची है। आकार के मामले में निसान किक्स ज्यादा प्रभावी है ये कार अन्य कारों की तुलना में ज्यादा बड़ी है। जो कि इसे अपने सेग्मेंट में बेहतर बनाती है।

इंजन:
निसान किक्स में कंपनी ने 1.5 लीटर की क्षमता का एच4के, 4 सिलेंडर युक्त इन लाइन इंजन का प्रयोग किया है। जो कि कार को 106 पीएस की पॉवर और 142 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है। इसके अलावा किक्स के डीजल वैरिएंट में कंपनी ने 1.5 लीटर की क्षमता का के9के, 4 सिलेंडर युक्त डीजल इंजन का प्रयोग किया है जो कि कार को 110 पीएस की पॉवर और 240 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है। इसके पेट्रोल वैरिएंट में कंपनी ने 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और डीजल वैरिएंट में 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का प्रयोग किया गया है। इस एसयूवी में आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन को शामिल नहीं किया गया है।

इसके अलावा हुंडई क्रेटा के पेट्रोल वैरिएंट में कंपनी ने 1.6 लीटर की क्षमता का इंजन प्रयोग किया है जो कि कार को 123 पीएस की पॉवर 151 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है। वहीं इसके डीजल वैरिएंट में कंपनी ने दो इंजन आॅप्शन दिया हे। एक में कंपनी ने 1.4 लीटर की क्षमता का सीआरडीआई इंजन प्रयोग किया है जो कि कार को 90 पीएस की पॉवर और 220 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है। वहीं दूसरे वैरिएंट में कंपनी ने 1.6 लीटर की क्षमता का सीआरडीआई डीजल इंजन प्रयोग किया है जो कि कार को 128 पीएस की पॉवर और 260 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है।

हुंडई क्रेटा के पेट्रोल और डीजल दोनो ही वैरिएंट में कंपनी ने 6 स्पीड मैनुअल और आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन गियरबॉक्स का प्रयोग किया है। क्रेटा का पेट्रोल वैरिएंट 15.29 किलोमीटर प्रतिलीटर का माइलेज प्रदान करती है। वहीं इसके डीजल वैरिएंट क्रमश: 17.01 किलोमीटर प्रतिलीटर और 21.38 किलोमीटर प्रतिलीटर माइलेज देते हैं।

यदि मारुति एस क्रॉस की बात करें तो कंपनी ने इस कार में बेहद ही छोटा इंजन प्रयोग किया है। इस कार में कंपनी ने 1.3 लीटर की क्षमता का डीजल इंजन लगाया है। इसी इंजन का प्रयोग कंपनी ने स्विफ्ट में भी किया है। ये इंजन कार को 90 पीएस की पॉवर और 200 एनएम का टॉर्क प्रदान करती है। मारुति एस क्रॉस केवल डीजल इंजन के साथ ही उपलब्ध है। ये एसयूवी पेट्रोल वैरिएंट में उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा एस क्रॉस में आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन का भी प्रयोग नहीं किया गया है। हालांकि माइलेज के मामले में ये एसयूवी अन्य दोनों कारों को पीछे छोड़ती है। मारुति एस क्रॉस 24 किलोमीटर प्रतिलीटर का माइलेज प्रदान करती है जो कि अपने सेग्मेंट में सबसे बेहतर है।

सेफ्टी और फीचर्स:
निसान किक्स में कंपनी ने कई अत्याधुनिक फीचर्स को शामिल किया है जो कि इस कार को अपने सेग्मेंट में लीडर बनाती है। इस कार में पहली बार 360 डिस्प्ले सिस्टम का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा इसमें 8 इंच का बेहतरीन ट्च स्क्रीन इन्फोटेंमेंट सिस्टम भी शामिल किया गया है। हालांकि ये फीचर्स ज्यादातर महंगी कारों में ही देखने को मिलते है विशेषकर जिनकी कीमत 30 लाख रुपये के आसा पास होती है। इसके अलावा इस कार में सुरक्षा की दृष्टी से भी बेहतरीन फीचर्स का प्रयोग किया गया है।

इसमें 4 एयरबैग, हिल होल्ड, एबीएस, ईबीडी, 210 एमएम का ग्राउंड क्लीयरेंस, निसान कनेक्ट एप, एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैम्प, लैदर ट्च डैशबोर्ड, 17 इंच का बेहतरीन एलॉय व्हील, रूफ रेल, आॅटो एसी इत्यादि जैसे फीचर्स इस कार को अपने सेग्मेंट में और भी बेहतर बनाते हैं।

हुंडई क्रेटा में कंपनी ने 6 एयरबैग, एबीएस, ईबीडी, 17 इंच का एलॉय व्हील, आॅटो एसी, रिवर्स कैमरा, लैदर सीट इत्यादि जैसे फीचर्स को शामिल किया है। इसके अलावा मारुति एस क्रॉस में 2 फ्रंट एयरबैग, एबीएस, ईबीडी, 16 इंच का एलॉय व्हील, फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक, आॅटो एसी, स्मार्ट प्ले इन्फोटेंमेंट सिस्टम, रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स दिये गये हैं। तो फीचर्स के मामले में भी निसान किक्स इन दोनों एसयूवी से काफी हद तक बेहतर है।

कीमत:
जैसा कि हमने आपको पूर्व में बताया कि निसान किक्स को अभी केवल प्रदर्शित मात्र किया गया है तो इसकी कीमत के बारे में अभी कोई भी आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है। लेकिन जानकारों का मानना है कि इसकी कीमत हुंडई क्रेटा से कम होगी लेकिन मारुति एस क्रॉस से थोड़ी ज्यादा होगी। ऐसे में ये कार दोनों कारों की कीमत के बीच में ही लांच की जायेगी। इस समय मारुति एस क्रॉस और हुंडई क्रेटा के प्रतिमाह 14,000 युनिट की बिक्री हो रही है। मारुति एस क्रॉस अपने बेहतर ब्रांड वैल्यू और शानदार डीलरशिप नेटवर्क के चलते खासा अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यदि निसान किक्स को भी बेहतर कीमत के साथ लांच किया गया तो ये कार इस सेग्मेंट में बहुत ही लोकप्रिय होगी।

निष्कर्ष:
हुंडई क्रेटा अब तक इस सेग्मेंट में सबसे ज्यादा लोकप्रिय कार रही है। वहीं मारुति एस क्रॉस इस सेग्मेंट की दूसरी सबसे ज्यादा लोकप्रिय कार है। ये दोनों ही कारें भारतीय बाजार में शानदार प्रदर्शन कर रही है। इसके पिछे कई कारण हैं, न केवल कार की गुणवत्ता बल्कि ब्रांड नेम और सर्विस इत्यादि भी इन दोनों कारों की सफलता के प्रमुख कारण है। वहीं निसान को अभी भी भारतीय बाजार में अपने नेटवर्क विस्तार पर खासा काम करना है। इसके अलावा सर्विस इत्यादि को लेकर भी निसान को कड़ी मशक्कत करनी होगी। यदि कंपनी किक्स को बेहतर कीमत के साथ भारतीय बाजार में लांच करती है तो बेशक ये कार कंपनी के लिए किसी गेम चेंजर का काम करेगी। क्योंकि कंपनी इस कार में बेहद ही शानदार फीचर्स और तकनीकी का प्रयोग किया है।

हाल ही में फ्रेंच कार निर्माता कंपनी रेनो ने एंट्री लेवल हैचबैक सेग्मेंट में अपनी बेहतरीन कार रेनो क्विड को लांच कर मारुति और हुंडई दोनों को कड़ी टक्कर दी थी। यदि निसान भी कुछ वैसा ही करती है तो बेशक ये कार सफलता की नई कहानी लिखेगी। चूकि भारतीय बाजार में ग्राहकों के जेहन से मारूति और हुंडई की लोकप्रियता को खत्म करना असाना काम नहीं है और इस दौड़ में कई धुरंधर चित्त भी हो चुके हैं। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि निसान किक्स क्या करामात करती है।


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