विडियो: ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में नई मारुति स्विफ्ट को क्यो मिले सिर्फ 2-स्टार?
ग्लोबल NCAP ने नई मारुति स्विफ्ट थर्ड जेनरेशन के क्रैश टेस्ट का रिजल्ट सार्वजनिक कर दिया है। ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में कार की सुरक्षा की जांच होती है और ये एजेंसी उसे सेफ्टी रेटिंग देती है। नई मारुति स्विफ्ट को इसमें मामूली 2-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। तो, आइये जानते हैं कि मारुति स्विफ्ट में कहां और क्या कमी रही गई जिसके कारण भारत की ये पॉपुलर कार सिर्फ दो स्टार ही हासिल कर पाई।

नई मारुति स्विफ्ट को वयस्क और बच्चों की सुरक्षा के दोनों कैटेगरी में 2 स्टार मिले हैं। जी हां चाइल्ड प्रोटेक्शन में भी कार को सिर्फ 2 स्टार ही हासिल हुए हैं। कार के इस खराब प्रदर्शन के पीछे ड्राइवर के लिए पर्यात्प सुरक्षा का न होना और क्रैश के दौरान स्ट्रक्चर का कमजोर होना बताया जा रहा है।

ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में एडल्ट सेफ्टी में कार को दो स्टार मिलने के पीछे एजेंसी ने कहा है कि ड्राइवर की सुरक्षा के लिए पर्यात्प इंतजाम नहीं कर पाई और चाइल्ड सेफ्ट में कार ने मध्यम प्रदर्शन किया है। बता दें कि नई मारुति स्विफ्ट में डुअल फ्रंट एयरबैग और बच्चों के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स स्टैंडर्ड के तौर पर दिये गए हैं। अर्थात ये दो सेफ्टी फीचर्स सभी वेरिएंट में मिलते हैं। लेकिन इसके बावजूद सेफ्टी में भी कार सिर्फ दो स्टार ही हासिल कर पाई।

इतना ही नहीं मारुति स्विफ्ट के पीछचे वर्जन अर्थात सेकंड जेनरेशन स्विफ्ट में ग्लोबल NCAP ने जब 2014 में क्रैश टेस्ट किया था तब तो उसे जीरो स्टार रेटिंग मिले थे। उस समय इसका मुख्य कारण कार में एयरबैग और ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स का न होना था। इस लिहाज से तो इस बार कार ने पहले से बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन ग्लोबल NCAP ने कहा है कि भारत में जो स्विफ्ट बिक रही है उसकी सेफ्टी यूरोप में बिकने वाली स्विफ्ट से कहीं ज्यादा कमजोर है।

क्रैश टेस्ट रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि फ्रंट क्रैश टेस्ट में भी कार ने कापी खराब प्रदर्शन किया है। भारत में बिकनेवाली स्विफ्ट में कर्टेन एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल भी नहीं मिलता है जो कि यूरोप में बिक रही स्विफ्ट में स्टैंडर्ड के तौर पर दिया गया है। बता दें कि हाल ही में ग्लोबल NCAP ने मारुति की एक और पॉपुलर कार विटारा ब्रेजा का भी क्रैश टेस्ट किया था जिसमें कार ने काफी बढ़ियां प्रदर्शन किया था और उसे 4 स्टार रेटिंग हासिल हुई थी।

ग्लोबल NCAP के महासचिव डेविड वार्ड ने कहा, "भारत में बिकने वाले स्विफ्ट का नवीनतम संस्करण में सुधार हुआ है और सभी वेरिएटं में डुअल एयरबैग देखकर अच्छा लगा। इससे भारत सरकार के नए क्रैश टेस्ट नियमों का लाभकारी प्रभाव की पुष्टि हो जाती है। लेकिन यूरोप और जापान में बिकने वाले स्विफ्ट के प्रदर्शन से पता चलता है कि भारतीय स्विफ्ट को और बेहतर सुरक्षा दी जा सकती है। "

बात करें नई मारुति सुजुकी स्विफ्ट थर्ड जनरेशन की तो इसे इसी वर्ष फरवरी में हुए ऑटो एक्सपो 2018 में लॉन्च किया गया था। कंपनी ने Maruti Swift 2018 को नई डिजाइन और कुछ नए फीचर्स के साथ उतारा है। दिल्ली में इसकी बेस प्राइस 4.99 लाख रुपए रखी गई है, वहिं इसके टॉप मॉडल की कीमत 8.29 लाख रुपए तक जाती है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से एक रही है। हैचबैक कारों में यह देश की सबसे पॉपुलर कारों में से एक है।

नई स्विफ्ट कुल 14 वेरिएंट में उपलब्ध है, इनमें मुख्यत: 6 पेट्रोल और 6 डीजल वेरिएंट है, इनमें VXI, VDI, ZXI और ZDI वेरिएंट में न्यू ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन गियरबॉक्स दिया गया है। साथ ही इसमें एक लिमिटेड एडिशन भी मिलता है। मारुति स्विफ्ट 2018 भी उसी इंजन द्वारा संचालित है जो इसके पिछले वर्जन में लगा था।

पेट्रोल k-सीरीज मारुति स्विफ्ट में 1.2-लीटर का नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन लगा है जो 6,000rpm पर 83bhp और 4000rpm पर 115Nm का टार्क जनरेट करता है। डीजल मारुति स्विफ्ट में टर्बोचार्ज्ड डीज़ल इंजन लगा है जो 4,000rpm पर 74bhp और 2000rpm पर 115Nm का टार्क पैदा करता है। दोनों इंजनों के साथ 5-स्पीड मैनुअल और AMT गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है।

0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में मारुति स्विफ्ट पेट्रोल वेरिएंट मात्र 12.6 सेकंड का समय लेती है। वहिं डीजल वेरिएंट 2018 स्विफ्ट को 0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में महज 13.5 सेकंड का समय लगता है। आपने ध्यान दिया होगा की दोनों वेरिएंट की टॉप स्पीड में थोड़ा फर्क दिखता है। ऐसा दोनों वेरिएंट की टॉर्क क्षमता में भिन्नता के कारण होता है। वहिं CVT वेरिएंट की एक्सीलेरेशन पेट्रोल और डीजल वेरिएंट से अलग है।
माइलेज की बात करें तो नई स्विफ्ट पेट्रोल 22kpl का माइलेज देती है जबकि डीजल वर्जन 28.4kpl का माइलेज देती है। मारुति स्विफ्ट 2018 के दोनों वेरिएंट में 37 लीटर की क्षमता वाला फ्यूल टैंक लगा है, जो कि एक लंबी दूरी की यात्रा के हिसाब से काफी बढ़ियां है। उबड़-खाबड़ रास्तों पर भी ड्राइविंग आसान बनाने के लिए मारुति स्विफ्ट 2018 में 163 मिलीमीटर का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है। नई मारुति स्विफ्ट 2018 में 268 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है जो कि पिछले स्विफ्ट के मुकाबले 58 लीटर ज्यादा है। इतने बड़े स्पेस में एक छोटे परिवार की यात्रा का समान आराम से एडजेस्ट हो जाएगा।


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