उद्घाटन के महज दो महिने में ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में दरार
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे एक बार फिर चर्चा में है। इसे NH-24 के ना से जाना जाता है। इसके पहले ये तब चर्चा में आया था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 69% अधूरे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर रोड शो किया था। इस बार ये चर्चा में इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन और रोड शो के महज दो महिने में ही इस हाइवे से सटे साइकिल ट्रैक में लगभग 100 मीटर तक बीचों बीच दरार पड़ गया है।

बता दें कि यूपी गेट से लेकर निज़ामुद्दीन तक बने करीब 8.5 किमी के पहले हिस्से को बनाने में करीब 841 करोड़ रुपये की लागत आई और 27 मई 2018 को नरेंद्र मोदी ने खुद इसका उद्घाटन किया था। दरार यूपी गेट के पास उसी साइकिल ट्रैक पर आई है जहां से ये शुरू होता है। अब इसपर बड़ा विवाद हो गया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि करोड़ों रुपए खर्च करने पर भी ये दो महिना भी नहीं चल पाई तो इसका कारण क्या है, इसमें क्या कमी रह हई?

बता दें कि दरार साइकिल ट्रैक पर आई है। अब लोग ये सवाल पुछ रहे हैं कि इस पर ना भारी वाहन गुजरते हैं, ना ही कार, ना दोपहिया तो फिर इस सीमेंट कंक्रीट के बने हिस्से में बीचों बीच दरार आने का कारण क्या है? हाल ही में हुई बारिश में इस एक्सप्रेस वे पर बहुत जल भराव की खबर आई लेकिन जल भराव से साइकिल ट्रैक में दरार आ जाना समझ से परे है।

इसपर बोलते हुए, NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आर पी सिंह ने कहा कि साइकल ट्रैक को अगले फेज में जोड़ने के लिए यूपी गेट के पास जहां इसका अंत होता है वहां ट्रैक के नीचे एक अस्थायी दीवार बनाई गई थी। बारिश में वो दीवार गिर गई जिससे पानी अंदर आ गया और मिट्टी ढह गई और फिर क्रैक आ गया। हम आज या कल में इसको फिर बना देंगे।

ऐसा नहीं है कि डैमेज सिर्फ साइकिल ट्रैक पर ही हुआ है। जब पहली बारिश हुई थी तब सड़के कई स्पॉट पर धंस गई थी। अब करोड़ों रुपए खर्च करके ऐसी सड़कें बन रही हैं जो पहली बारिश को भी नहीं झेल सकते तो सवाल उठता है कि कहीं सड़क के निर्माण में क्या गलती की गई?

कुछ महिने पहले मीडिया में एक और खबर आई थी कि इस एक्सप्रेसवे से चोरों ने लाखों का माल साफ कर दिया था। सड़क किनारे लगे सोलर पैनल, फ़व्वारा, एक्सप्रेसवे की बाड़ और अन्य कई सामान चुरा ले गए थे। चोर बागपत से डासना के बीच करीब 50 किमी में इस तरह 250 सोलर पैनल लगाए गए थे, जिनमें आधे से ज्यादा सोलर पैनल या बैटरी चोरी हो चुके थे। एक सोलर पैनल की कीमत डेढ़ लाख के करीब है। इस सोलर पैनल का काम ऊर्जा को इस बैटरी में संचित करती थी, जिससे इस तरह के अंडर पास में रोशनी करना था, ताकि अंडरपास से गुजरने वाले राहगीरों को अंधेरे का सामना न करना पड़े।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है। इसको खास तरह से बनाया जा रहा है। इस हाईवे पर बने यमुना ब्रिज के दोनों ओर सोलर सिस्टम लगे हैं। यह देश का पहला ब्रिज होगा, जिस पर वर्टिकल गार्डन, सोलर पावर सिस्टम और ड्रिप सिंचाई के इंतजाम होंगे। यह छह लेन का हाईवे है। हाईवे का पहला चरण निजामुद्दीन से उत्तर प्रदेश गेट, दूसरा चरण उत्तर प्रदेश गेट से डासना, तीसरा चरण डासना से हापुड़ और चौथा चरण डासना से मेरठ में बना।
Image Courtesy: Thewire


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