बड़ी योजनाओं के साथ भारतीय बाजार में उतरने जा रही है ये दिग्गज कंपनी
भारतीय आॅटोमोबाइल बाजार में संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दुनिया भर के वाहन निर्माता इस बाजार के लिए लालायित रहते हैं।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दुनिया भर के वाहन निर्माता इस बाजार के लिए लालायित रहते हैं। इसी क्रम में ब्रिटेन की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी एमजी मोटर्स जो कि अब चीन की SAIC (शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन) नामक कंपनी द्वारा अधिग्रहित की जा चुकी है, भी भारतीय बाजार में अपने कदम रखने जा रही है। भारतीय बाजार के लिए कंपनी की योजनाओं का खुलासा हुआ, जिसमें कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कई वाहनों को लाइन अप किये हुए है।

MG मोटर्स भारतीय बाजार में सबसे पहले सी-सेग्मेंट एसयूवी पेश करेगी, जिसके बाद कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों को भी लांच करेगी। एमजी मोटर्स ने ये कन्फर्म किया है कि भारतीय बाजार कंपनी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। फिलहाल कंपनी बाजार में अपने पहले वाहन को पेश करेगी और इसके बाद बिक्री के आंकड़ों के अनुसार भविष्य की और योजनाओं पर काम किया जायेगा।
एमजी मोटर्स इस बात से अनजान नहीं है कि भारतीय बाजार में पांव जमाने के लिए विदेशी ब्रांडों को किस तरह के मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में कंपनी ने जानकारी साझा करते हुए कहा था कि, वो भारतीय बाजार में अपने वाहनों का विशाल रेंज प्रस्तुत करेगी ताकि अलग अलग सेग्मेंट और प्राइज के साथ ग्राहकों के बीच अपनी पहुंच बना सके। भारतीय बाजार में कदम जमाने के लिए यहां की कीमतों से लड़ना सबसे बड़ी बात होती है।

SAIC मोटर की इंटरनेशनल बिज़नेस यूनिट के एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर और SAIC मोटर इंटरनेशनल कंपनी के प्रेसिडेंट माइकल यांग ने बताया कि, "एमजी मोटर्स भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा वाली प्योर इलैक्ट्रिक SUV लॉन्च करेगी, यह भारत की एनर्जी और एनवायरमेंट को लेकर बनाई गई नीतियों में हमारा योगदान होगी। पूरी तरह इलैक्ट्रिक यह SUV भारतीय इलैक्ट्रिक व्हीकल स्पेस में ब्रेकथ्रू होगी और बाज़ार में अपने तरह की बेहतरीन खोज होगी। यह हमारी पहली SUV का साथ देगी जिसे अगले साल की दूसरी तिमाही में लॉन्च करने का प्लान बनाया गया है।"

भारत में एमजी मोटर्स का प्रोडक्शन:
आपको बता दें कि, MG मोटर भारतीय बाजार के लिए काफी संजीदा है। कंपनी ने पहले से ही गुजरात के हालोल में एक प्लांट ले लिया है जहां से कंपनी भारतीय बाजार में अपने ऑपरेशन को शुरू करेगी। इसके लिए कंपनी ने तकरीबन बिलियन डॉलर भी खर्च किये हैं। ताकि समय पर भारत में वाहनों का उत्पादन शुरू किया जा सके।

नए उत्पादन संयंत्र के अलावा, MG मोटर एक वैश्विक पार्क के रूप में एक उच्च गुणवत्ता वाले वेंडर बेस की स्थापना भी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाले समय में उत्पादन की प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके। नए वेंडर बेस को कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीयकृत उत्पादन के लक्ष्य के साथ चीन से विश्वसनीय सप्लायर्स का उपयोग करके सेट अप किया जाएगा।

वर्तमान में हलोल प्लांट में सालाना 80,000 युनिट्स की उत्पादन क्षमता है। इसके अलावा इस प्लांट में और भी खाली जगह है जिसका प्रयोग करने के बाद उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 2,00,000 युनिट्स तक पहुंचाया जा सकता है। कंपनी से उनकी सहायक कंपनी हुअयू को भी भारत में लाने की भी उम्मीद है, जो जरुरी कम्पोनेंट्स का निर्माण करेगी।

एमजी मोटर्स ने ये भी घोषणा की है कि कंपनी के सभी उत्पादों को ब्रिटेन और चीन बाजार के ही तरह से डिजाइन किया जायेगा। इसके अलावा इन वाहनों में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी का भी प्रयोग किया जायेगा। भारतीय बाजार में पेश किये जाने वाले वाहनों को तैयार करने के लिए भारतीय इंजीनियरों का भी सहयोग लिया जायेगा ताकि घरेलु बाजार के अनुसार वाहनों को तैयार किया जा सके। किसी भी वाहन को पेश किये जाने से पहले भारतीय इंजीनयरों द्वारा उनकी क्वालिटी चेक की जायेगा। इसके अलावा वाहनों में जरूरी फेरबदल भी किये जायेंगे जिन्हें खास तौर पर भारतीय इंजीनियरों द्वारा किया जायेगा। ताकि वाहनों को भारतीय बाजार और यहां की सड़को को ध्यान में रखकर तैयार किया जा सके।

कंपनी इस बात पर भी काम कर रही है कि कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा आफ्टर सेल्स सर्विस और इंडस्ट्री की मौजूदा बेस्ट वारंटी स्केल भी प्रदान किया जा सके। भारतीय बाजार को लेकर कंपनी सभी मानकों पर स्वयं को खरा उतारने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। शुरूआती दौर कंपनी स्थानीय पार्ट्स के मदद से पेट्रोल और डीजल पावर्ड वाहनों को पेश करेगी। जिसमें तकरीबन 75 प्रतिशत तक स्थानीय घटकों का इस्तेमाल किया जायेगा ताकि वाहनों की कीमत को घरेलु बाजार के अनुसार रखा जा सके। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी कंपनी की नजर है। फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कंपनी उतनी तेजी से काम नहीं कर रही है।

भारत में एमजी मोटर्स की डीलरशिप और प्री-लॉन्च प्लान:
MG मोटर पूरे देश में 100 टचपॉइंट्स के साथ 45 डीलरशिप की शुरूआत कर रही है। कंपनी के अनुसार यह 2019 में अपने पहले उत्पाद के लॉन्च से पहले तैयार कर ली जायेगी। कंपनी ने हाल ही में भारत में 'सर्वश्रेष्ठ' डीलरशिप नामों को चुनने के लिए देश भर में डीलर रोड शो आयोजित किया था।
एमजी मोटर्स देश भर में बेहतरीन सेल्स और सर्विस प्रदान करने वाले डीलरशिप के बैकग्राउंड का गहनता से जांच कर रही है। इसके अलावा इस क्षेत्र में उनके अनुभवों को भी बारीकी से देखा जा रहा है। ताकि डीलरशिप प्रदान किये जाने के बाद कंपनी के ग्राहकों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। इतना ही नहीं कंपनी अपने पहले उत्पाद को बाजार में पेश करने बाद से ही एक ऐसी हेल्पलाइन की शुरूआत करेगी जो 24 घंटे सेवा में हाजिर होंगे और महज 10 मिनट के भीतर ही ग्राहक को प्रतिक्रिया देंगे।

इसके अलावा कंपनी भारतीय बाजार में आखिरी व्यक्ति तक अपनी पहुंच बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। जिसके लिए कंपनी बेहतरीन उत्पादन क्षमता, लॉजिस्टीक, डीलरशिप नेटवर्क और सर्विस पर प्रमुखता से काम कर रही है। एमजी मोटर्स का मानना है कि भारतीय बाजार में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां पर कंपनी अपने पोर्टफोलिया में सभी सेग्मेंट में वाहनों को शामिल करेगी। आपको बता दें कि, चीन के बाजार में कंपनी पिछले 15 सालों से लीडिंग ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर है।

फिलहाल कंपनी एमजी मोटर्स को भारतीय बाजार में स्थापित करने के लिए चार मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किये हुए है जिसमें इलेक्ट्रिफिकेशन, साझेदारी, बुद्धिमत्ता और कनेक्टीविटी और वैश्वीकरण प्रमुख हैं। आपको बता दें कि, कंपनी के पास कार शेयरिंग प्लेटफॉर्म भी है जिसका प्रयोग कंपनी चीनी बाजार में कर रही है। इस प्लेटफॉर्म पर एक मोबाइल एप की मदद से लोग कार को किराए पर बुक कर सकते हैं। चीन में भारी जनसंख्या के चलते वहां पर ये कारोबार खूब फल फुल रहा है। कंपनी का मानना है कि भारत में भी ठीक उसी प्रकार जनसंख्या है और यहां पर भी ये प्लेटफॉर्म खूब काम करेगा। SAIC भारतीय बाजार में अपने पहले वाहन को आगामी 2019 के पहले तिमाही में पेश करेगा इसके लिए कंपनी ने जरुरी तैयारियां भी कर ली हैं। सबसे पहले कंपनी भारतीय बाजार में सी सेग्मेंट में एसयूवी पेश करेगी। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि ये Roewe RX3 प्लेटफार्म पर आधिरित होगी। ये एसयूवी पेट्रोल और डीजल दोनों ही वैरिएंट में पेश की जायेगी। हालांकि अभी कंपनी ने इस वाहन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।

एमजी मोटर्स इंडिया के प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक राजीव छाबा ने बताया कि, जैसा कि हमने बाजार से पहले ही वादा किया था हम अपने वाहनों को पेश करने के लिए पूरी तरह उत्सुक हैं और प्री लांच एक्टिविटी में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। ग्राहको के लिए हम वाहनों को लेकर रोड़ शो भी करेंगे जिसकी शुरूआत अगले महीने से कर दी जायेगी।

MG मोटर का इतिहास:
मोरिस गैराज एक ब्रिटीश ऑटोमोटिव र्माक्यू है जो कि अब एमजी कार कंपनी के नाम से जानी जाती है। सन 2005 में चीन की वाहन निर्माता कंपनी SAIC यानि कि शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कार्पोरेशन ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया।
इसके बाद एक प्रतिद्वंदी कंपनी नांजिंग ऑटोमोबाइल कार्पोरेशन ने सन 2006 में एमजी मोटर्स के प्रोडक्शन इक्यूपमेंट और मशीनरी को खरीद लिया। इसके अलावा नांजिंग ऑटोमोबाइल ने कंपनी के नेमिंग राइट्स को भी खरीद लिया और एक साबसाइडरी के तौर पर NAC MG की स्थापना की। लेकिन सन 2008 में ये कंपनी शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कार्पोरेशन में लिय हो गई।

चीनी सरकार द्वारा हस्तक्षेप पर, दोनों इकाइयां संयुक्त रूप से SAIC और NAC MG को एक समान मॉडल का उत्पादन करने के लिए विलय कर दिया गया। जिसके बाद SAIC ने ब्रिटिश मॉडल विकसित करना जारी रखा और अब वो रोवे मार्के के तहत नए लोगो के साथ वाहनों की बिक्री कर रहा है। इनका नाम बदलना जरूरी था क्योंकि रोवर का नेमिंग राईट्स और लोगो फोर्ड द्वारा अधिग्रहित है।

SAIC वर्तमान में चीन में सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल समूह है। 2011 में, कंपनी ने अपने दो संयुक्त उद्यमों से चार मिलियन से अधिक वाहनों का उत्पादन किया: शंघाई जीएम और शंघाई वीडब्ल्यू (उनके पास जीएम और वीडब्ल्यू के साथ सहयोग है)। अब चीन का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल ग्रूप भारत में अपने पांव जमाने की तैयारी कर रहा है। SAIC के पास बहुत से डीविजन है जैसे कि SAIC मोटर पैसेंजर व्हीकल आदि। इस डीविजन के अन्तर्गत कंपनी रोवे और एमजी ब्रांड को चीन और विश्व बाजार में बेचती है।

MG मोटर के भारतीय बाजार में आने पर ड्राइवस्पार्क के विचार:
MG मोटर भारतीय बाजार में प्रवेश के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण कर रहा है। कंपनी 2019 तक अपने पहले वाहन को भारतीय बाजार में पेश कर देगी। जिसके लिए कंपनी ग्राहकों को प्रीमियम एक्सपेरिएंस देने के लिए एमजी मोटर्स के वाहनों को पेश करेगी। कंपनी ने गुजरात में प्लांट भी ले लिया है और इस दिशा में बहुत ही अक्रामक तरीके से काम कर रही है। जानकारों का मानना हे कि एमजी मोटर्स की पहली एसयूवी जीप कम्पास और हुंडई क्रेटा को कड़ी टक्कर देगी।

रोचक तथ्य!
SAIC से जुड़ी बहुत सारी विरासत और ऐतिहासिक महत्व है। ब्रांड के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य यहां दिए गए हैं।
- चीन में बेची जाने वाली हर चार कार में से एक SAIC से जुड़ी है।
- SAIC का चीन की मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी अलीबाबा के साथ अनुबंध है जो कि कार में कनेक्टेड तकनीक मुहैया कराता है।
- सन 1957 में एमजी की बेहतरीन कार MG EX181 ने जमीन पर 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने का रिकॉर्ड बनाया था।
- 1955 MGA भारत में विंटेज कार कलेक्टरों के बीच सबसे अधिक है।
- इंग्लैंड की महारानी भी एमजी मोटर्स की कार में सफर करती हैं।


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