भारत में मरुति वैगनआर इलेक्ट्रिक की टेस्टिंग शुरू - जानें क्या होगा खास
मारुति सुजुकी ने पहले ही एलान कर दिया है कि 2020 से वो भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल उतारना शुरू कर देगा। अब इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने वैगनआर इलेक्ट्रिक हैचबैक के प्रोटोटाइप की टेस्टिंग शुरू की है। इन कारों से कंपनी के सिनियर एग्जेक्यूटिव (इंजिनियरिंग) डायरेक्टर सीवी रमन ने हरी झंडी दिखाकर टेस्टिंग के लिए रवाना किया।

मारुति सुजुकी ने कुल वैगनआर इलेक्ट्रिक के कुल 50 प्रोटोटाइप को देश के अलग-अलग इलाकों और ड्राइविंग कंडिशन में टेस्ट करने का निर्णय लिया है। इस वैगनआर को सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन नें जापान में तैयार किया गया है लेकिन इसका प्रोडक्शन मेक इन इंडिया के तहत गुरुग्राम, भारत में ही किया गया है।

नई मारुति वैगनआर इलेक्ट्रिक प्रोटोटाइप अपकमिंग 2018 सुजुकी वैगनआर पर बेस्ड है जिसे अगले साल भारत में लॉन्च किया जाएगा। मारुति वैगनआर इलेक्ट्रिक को सबसे पहले MOVE समिट, नई दिल्ली में शोकेस किया गया था। इसके अलावा भी मारुति सुजुकी कई तरह के इलेक्ट्रिक व्हीकल पर काम कर रहा है जिसे आने वाले समय में सबके सामने लाया जाएगा।

जैसा कि ऊपर हमने बताया कि मारुति वैगनआर इलेक्ट्रिक को देश के अलग-अलग ड्राइविंग कंडिशन में टेस्ट किया जाएगा। इस दौरान सभी डेटा कलेक्ट किया जाएगा, जो कि आनेवाले समय में कार की बेहतरी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

मारुति वैगनआर इलेक्ट्रिक में 72 वोल्ट का सिस्टम लगा है जो कि 25 किलोवॉट की बैटरी से अपनी पावर लेता है। ये इलेक्ट्रिक वर्जन नए लेटेस्ट जेनरेशन वैगनआर पर बेस्ड होगी और इसे नए प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा। फिलहाल ये प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक वैगनआर HEARTECT प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है जो कि नई स्विफ्ट और डिजायर में भी देखनो को मिला था।

मारुति ने इलेक्ट्रिक वैगनआर की टेस्टिंग की टेस्टिंग करने का जो निर्णय लिया है उससे अन्य कंपनियां भी इस ओर आगे बढ़ेंगी। मारुति सुजुकी देश की सबसे ज्यादा विस्वसनिय और लोकप्रिय कंपनी है। देश में सबसे ज्यादा इसी की कारें बिकती है। ऐसे में यदि इतनी बड़ी और विश्वसनिय कंपनी अगर इलेक्ट्रिक ऑटोमेशन की दिशा में आगे बढ़े और निवेश करे तो इलेक्ट्रिक मोबोलिटी के लिए ये एक सकारात्मक खबर होगी।

हालांकि इलेक्ट्रिक मोबोलिटी में निवेश कर मारुति सुजुकी ने एक बेहद ही समझदारी भरा फैसला लिया है। क्योंकि आनेवाल समय इलेक्ट्रिक वाहनों का ही होने वाला है। पुरी दुनिया इसकी ओर तेजी से बढ़ रही है पर भारत अभी इसमें थोड़ा पीछे है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अभी कोई साफ निती नहीं है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी कमजोर है। हालांकि भारत सरकार अब इस दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है और धीरे-धीरे इसका असर भी दिख रहा है। कई बड़े ऑटो कंपनियों ने अब भारत के ईवी क्षेत्र में निवेश करने का निर्णय लिया है।


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