मारुति सुजुकी ने बेची 5 लाख सीएनजी कारें - जानें भारत में क्यों बढ़ा CNG कारों का बाजार
मारुति सुजुकी ने एक सीएनजी कार बेचने के मामले में एक नया कीर्तिमान हासिल किया है। जी हां, उसने अप्रैल 2018 से नवंबर 2018 की मात्र छोटी-सी अवधी में 5 लाख CNG कारें बेच डाली। ये आंकड़ा देश में बिकनेवाली कुल सीएनजी कारों का 15 प्रतिशत है। इससे समझा जा सकता है कि सामान्य कारों के अलावा सीएनजी मार्केट पर मारुति सुजुकी का ही राज है।

मारुति सुजुकी ने सबसे पहले वर्ष 2010 में अपनी कारों में फैक्टरी से सीएनजी यूनिट फिट करके बेचने की शुरुआत की जिसे i-GPI टेक्नोलॉजी कहा जाता है। और तब से अब तक कंपनी ने कई कारों में सीएनजी का विकल्प दिया है। वर्तमान में मारुति के 7 CNG के विकल्प के साथ आते हैं। इनमें मारुति ऑल्टो 800, ऑल्टो K10, सेलेरियो, डिजायर, ईको और सुपर कैरी शामिल हैं।

वर्तमान में इस सभी सीएनजी कारों में से मारुति वैगनआर सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। मारुति वैगनआर एक शानदार लुक वाली हैचबैक कार है जो कि कैब एग्रीगेटर में बहुत लोकप्रिय है। इसके अलावा सिटी में भी लोग इसे खरीदना पसंद करते हैं।

इतना ही नहीं, हाल ही में लॉन्च हुई मारुति अर्टिगा में भी जल्द ही सीएनजी फैक्टरी से फिट होके आएगी। हालांकि आपको उसके लिए भी इंतजार करने की जरूरत नहीं है। आप अपने नजदीकी डीलरशिप पर जाकर भी अर्टिगा में इसे फिट करवा सकते हैं। इसे अर्टिगा के पेट्रोल वेरिएंट में फिट करवाया जा सकता है।

मारुति सुजुकी ने दावा किया है कि गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओड़िसा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में सीएनजी कारें सबसे ज्यादा सफल हैं। वर्तमान वित्त वर्ष में ही मारुति ने कहा है कि उनके सीएनजी कारों की सेल में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धी हुई है। देश के करीब 150 शहरों में मारुति सुजुकी ने सीएनजी कारों को बेचने के लिए लंबा नेटवर्क तैयार किया हुआ है।

मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ केनिची आयुकावा ने कहा, "हमें खुशी है कि 5 लाख से अधिक ग्राहकों ने फैक्ट्री-फिटेड CNG वाहनों का चुनाव किया है जो स्वच्छ, भरोसेमंद, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल हैं। स्वामित्व की कम लागत का लाभ सीएनजी के पर्यावरण अनुकूल ईंधन विकल्प के साथ आता है।"

भारत एक ऐसा देश है जहां हर कोई गाड़ी खरीदने से पहले एक सवाल जरूर पुछता है कि, गाड़ी माइलेज कितना देती है? स्वभाविक तौर पर सीएनजी कारों के विकास के लिए ये एक अच्छा और संभावनाओं से भरा देश है। सीएनजी कारें सामान्य पेट्रोल और डीजल कारों से अधिक माइलेज देती हैं। यही कारण है कि भारत में सीएनजी कारों का बिक्री तेजी से आगे बढ़ रही है।

हालांकि सीएनजी कारों में एक नुकसान यह रहता है कि कार की परफॉरमेंस कम हो जाती है। इतना ही नहीं सीएनजी लगने के बाद निश्चित तौर पर कार के डिक्की की जगह भी कम होती है क्योंकि सीएनजी सिलिंडर काफी जगह लेता है।


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