महिंद्रा और महिंद्रा बनाएगा सस्ता ट्रैक्टर - कीमत होगी 2 लाख से भी कम
महिंद्रा और महिंद्रा एंट्री लेवल मार्केट में एक बार फिर बड़ा प्रयोग करने जा रहा है। जी हां महिंद्रा और महिंद्रा ऐसा ट्रैक्टर बनाने पर काम कर रहा है जिसकी कीमत 2 लाख रुपए के भीतर होगी। 2 लाख रुपए से कम का ट्रैक्टर उतारने के पीछे महिंद्रा छोटे किसानों को टार्गेट करना चाहती है। हालांकि ये पहला मामला नहीं है जब महिंद्रा ऐसा प्रयोग करने जा रहा है, इससे पहले भी महिंद्रा कम पावर वाले युवराज का प्रयोग कर चुका है, जो विफल रहा।

कंपनी का मानना है कि भारत में लगभग 90 प्रतिशत छोटे किसान जिनके पास 5 एकड़ से कम की जमीन है आज भी मजदूरी की तर्ज पर अपनी खेती पर निर्भर रहते हैं या उन्हें पैसे देकर जोताई या अन्य काम करवाने पड़ते हैं। महिंद्रा का टार्गेट यही छोटे किसान है। नए ट्रैक्टर को ट्रैक्स्टार रेंज में पेश किया जाएगा।

भारत में आज भी जो आम ट्रैक्टर आते हैं, उनकी शुरुआती कीमत 4 लाख रुपए के आस-पास होती है। अधिकतर लोगों के लिए ट्रैक्टर आज भी एक सपना है। हर किसान परिवार का सपना होता है कि उनके द्वार पर एक ट्रैक्टर खड़ा हो सके। हो सकता है कि महिंद्रा द्बारा लाए जा रहे इस सस्ते ट्रैक्टर से उनका ये सपना पुरा हो सके।

ट्रैक्टर के इस्तेमाल से न सिर्फ किसानों को खेती में थोड़ी सहुलियत मिलेगी, बल्कि उन्हें इसका सीधा-सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामिण इलाकों में जिनके पास ट्रैक्टर नहीं होता उन्हें जोतने वाले का इंतजार करना पड़ जाता है। कई बार ट्रैक्टर की कमी के कारण सही समय पर जोताई बोवाई नहीं हो पाती है। ट्रैक्टर आ जाने से किसान सही समय पर जोताई-बोवाई कर सकेंगे। इसके अलावा भी ट्रैक्टर के कई उपयोग होते हैं जैस ट्रॉली के जरिए सामान, मिट्टी और खाद ईत्यादि ढ़ोना। कुल मिलाकर ट्रैक्टर हो जाने से किसानी में बड़ी सहायता होती है।

इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में महिंद्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने कहा कि कंपनी का मकसद उन किसानों को 2 लाख रुपये से कम में अच्छी कार्यक्षमता वाला ट्रैक्टर प्रदान करना था जो महंगी मशीन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। इसे 5 एकड़ से कम में खेती करने वाला भी इस्तेमाल कर सकता है और उससे अधिक भी। मुख्यत: महिंद्रा 2-5 एकड़ रखने वाले लोगों को लक्षित कर रहा है।

गोयनका ने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि किसान को सस्ता ट्रैक्टर दिया जाए , जो आज ट्रैक्टर या आधुनिक तकनीक या उपकरण नहीं इस्तेमाल कर रेह हैं। किसान को कारोबारी मामले में और उसे पैसे कमाने में मदद किया जा सके है।"


Click it and Unblock the Notifications








