इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए महिंद्रा करेगी 900 करोड़ का भारी-भरकम निवेश
देश की बड़ी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा आने वाले 4 सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और विकास के लिए 900 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है। इसके तहत कंपनी कर्नाटक में 400 करोड़ और महाराष्ट्र में 500 करोड़ रुपए इन्वेस्ट करेगी। पिछले पांच-छह सालों में कंपनी ने पहले ही चाकन में चल रहे प्रोडक्शन प्लांट को बढ़ाने के लिए 6,500 करोड़ इन्वेस्ट कर चुकी है। इस इन्वेस्टमेंट का उपयोग कंपनी प्रोडक्शन कपैसिटी और टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स के विकास के लिए करेगी।

महाराष्ट्र इन्वेस्टमेंट समिट में बोलते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पवन गोयनका ने कहा कि "चाकन में चल रहे इलेक्ट्रिक वाहन विस्तार योजना के अगले चरण की घोषणा करते हुए हमें बेहद ख़ुशी हो रही है और महाराष्ट्र सरकार को इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उनकी प्रोएक्टिव पॉलिसी के लिए धन्यवाद करना चाहते हैं। आने वाले समय में महाराष्ट्र बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित करेगा और यह राज्य इलेक्ट्रोनिक वाहन और पार्ट्स के क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा।"

फिलहाल महिंद्रा हर महीने इलेक्ट्रिक वाहनों के 400 यूनिट्स विनिर्माण की क्षमता रखता है और आनेवाले सितम्बर 2018 से यह बढकर संभवतः 1500 यूनिट्स हो जाएगा। हालाकि कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक यह बढ़ाकर 4,000 यूनिट्स करने का है। 900 करोड़ के अतिरिक्त निवेश के जरिये कंपनी अपनी क्षमता 5,000 यूनिट प्रतिमाह करना चाहती है।

महिंद्रा चाहती है कि आनेवाले समय में बैटरी को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों के सारे उपकरण कंपनी खुद बनाये। क्योंकि बैटरी के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में लोकल प्रोडक्शन की जरुरत होती है, इसलिए महिंद्रा इसे इम्पोर्ट करना ही बेहतर समझती है।

महिंद्रा इस बड़े इन्वेस्टमेंट के जरिये देश में लोगों को बताना चाहती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उसकी क्या योजना है और यह भविष्य में कैसे एक व्यावहारिक और फायदे का वाहन साबित होगी। इस दौरान महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर 5C अर्थात क्लीन, कन्विनियंट, कनेक्टेड, क्लेवर और कॉस्ट-इफेक्टिव का अर्थ दिया।

आने वाला समय इलेक्ट्रिक वाहनों का ही होगा, पर इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत और प्रोडक्शन कॉस्ट पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों से कंही ज्यादा है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर भी न के बराबर है। प्रदूषण रोकने, कच्चे तेल के आयत को कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए जरुरी है कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर प्रोएक्टिव पालिसी लाये और इस क्षेत्र में निवेश को आसान बनाये। इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में महिंद्रा के बड़े इन्वेस्टमेंट से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर वातावरण बनेगा और अन्य कम्पनियाँ भी आगे आयेंगी।


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