रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने पर हमेशा के लिए रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस
ट्रैफिक नियमों का पालन करने में भारत दुनिया में बदनाम है। शहरों में तो लोग थोड़ा-बहुत ट्रैफिक नियम फॉलो करते हैं लेकिन ग्रामिण इलाकों में तो कोई पुछने वाला ही नहीं। लेकिन गुजरात की अहमदाबाद पुलिस ने अब इतना सख्त नियम बनाया है कि कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियम तोड़ने से पहले दस बार सोचेगा। जी हां, अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा नियम बनाया है कि दो बार रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़े जाने पर ड्राइवर को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा और कानूनी तौर पर वो सड़क पर गाड़ी नहीं चला सकेगा।

पुलिस के नए नियम के मुताबिक रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़े जाने पर पहली बार FIR दर्ज होगा और गाड़ा का पेपर स्थानिय आरटीओ को भेज दिया जाएगा। उसके बाद ड्राइवर का लाइसेंस भी 3 से 6 महिने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। यदि वही ड्राइवर फिर से अर्थात रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़ा जाएगा तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा और आरटीओ से उसे ब्लैक लिस्ट करने की मांग की जाएगी।

TOI से बात करते हुए अहमदाबाद जिला ट्रैफिक पुलिस कमिश्नर (पश्चिम) संजय खराट ने कहा, "इसके पहले अगर नियम तोड़ने वाले को पांचवी बार नियम तोड़ते हुए पकड़ा जाता, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाता था। लेकिन, नए ट्रैफिक नियम के साथ, ट्रैफिक पुलिस केवल दूसरी बार की नियम तोड़ने पर पकड़े जाते हुए पुलिस आरटीओ को लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा कर सकती है।"

डीसीपी संजय खराट ने आगे कहा कि अहमदाबाद आरटीओ ने मंगलवार को 7 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किये हैं और शहर की ट्रैफिक पुलिस इस मुहीम पर और जोर-शोर से कम करने वाली है।

अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस की इस मुहिम को निश्चित ही सराहना चाहिए और उम्मीद है कि देश में अन्य राज्य भी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करेंगे। दरअसल रॉन्ग साइड ड्राइविंग बेहद ही खतरनाक होता है। इसमें दुर्घटना की सबसे ज्यादा संभावना होती है। भारत में न जाने कितनी ही मौतें सिर्फ रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण होती हैं।

वैसे हाल के दिनों में भारतीय ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने रोड सेफ्टी को लेकर कई कैंपेन चालएं है जिसमें बड़े-बड़े फिल्मस्टार सहीत कई लोगों ने प्रचार किया है। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर लगने वाले फाइन और दंड को भी काफी कड़ा किया गया है। इन सबके बावजूद सड़क दुर्धटनाओं में मरने और घायल होनेवाली घटनाओं के जो आंकड़े आए हैं वो चौंका देनेवाले हैं।

हालांकि सड़क दुर्घटनाएं केवल ट्रैफिक नियमों तोड़ने के कारण ही नहीं होती। इसमें कई बार सरकार और संबंधित अथॉरिटी की भी नाकामियां होती हैं। हाल ही में एक आंकड़ा आया था जिसके अनुसार अब तक 14,926 लोगों की मौत गड्ढायुक्त सड़कों की वजह से हुई है। ये मामला कोर्ट में भी गया था और जब जजों ने इसे देखा तो वे भी हैरान रह गए थे कि इतनी मौंतें सिर्फ गड्ढायुक्त सड़कों की वजह से हुई है।


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