दिव्यांगों के लिए आई दुनिया की पहली व्हीलचेयर इलेक्ट्रिक कार, खुद कर सकेंगे ड्राइव
दुनिया भर में नित नये कार्यों पर शोध होता रहता है, इंसानी जरूरत और सुविधाओं के लिए हर मुमकिन कोशिश हो रही है ताकि लोगों के जीवन को सुगम और सार्थक बनाया जा सके।
दुनिया भर में नित नये कार्यों पर शोध होता रहता है, इंसानी जरूरत और सुविधाओं के लिए हर मुमकिन कोशिश हो रही है ताकि लोगों के जीवन को सुगम और सार्थक बनाया जा सके। अब तक दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर ही एक मात्र ऐसा साधन था जिसकी मदद से वो एक जगह से दूसरी जगह पर जा सकते थें। लेकिन अब दुनिया तेजी से बदल रही है, हंगरी की केंगुरू नाम की एक कंपनी ने ऐसी कार को पेश किया है जिसमें दिव्यांग न केवल अपनी व्हीलचेयर के साथ आसानी से बैठ सकते हैं बल्कि खुद ड्राइव भी कर सकते हैं।

सामान्य तौर पर व्हीलचेयर के साथ लोगों को कार में बैठने में भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। व्हीलचेयर पर बैठा हुआ व्यक्ति पहले से ही लाचार होता है इसके अलावा उसे व्हीलचेयर से उतरने और फिर कार में बैठने के लिए भी दूसरों की मदद की जरूरत पड़ती है। इस दौरान व्हीलचेयर पर बैठने वाले व्यक्ति को भारी पीड़ा से भी गुजरना पड़ता है। वो स्वयं को उठाने के लिए अपने हाथों से बल देकर अपने शरीर को उपर की तरफ उठाता है जिसका सीधा असर उसके कंधे पर पड़ता है। ये सब कुछ जितना आसान दिखता है दरअसल उतना आसान होता नहीं है।

किसी लाचार व्यक्ति की सबसे बड़ी मजबूरी यही होती है कि वो एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से जा नहीं सकता है। हमारे आस पास कई ऐसे लोग हैं जो कि व्हीलचेयर पर हैं और जब पूरा परिवार कहीं किसी ट्रिप पर जाने की तैयारी कर रहा होता है वो व्हीलचेयर पर बैठा व्यक्ति घर के किसी कोने में एक निर्जीव सामान की तरह पड़ा रहता है। क्योंकि उसे आसानी से कहीं लाया ले जाया नहीं जा सकता है।

लेकिन केंगारू की ये नई व्हीलचेयर इलेक्ट्रिक कार दिव्यांग लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ये कार व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति को वो सभी सुविधायें मुहैया कराता है जिसकी उसे जरूरत होती है। इस कार में पिछे की तरह एक बड़ा दरवाजा दिया गया है जो कि पूरी तरह एक हैचबैक कार के डिग्गी की तरह उपर की तरफ खुल जाता है और दरवाजा खुलने के बाद इसमें इतना स्पेश होता है कि व्हीलचेयर सहित व्यक्ति को सीधे कार में बैठाया जा सकता है।

इसके लिए उक्त दिव्यांग को अपने व्हीलचेयर से उठने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। कार का दरवाजा रिमोट कंट्रोल से खोला जा सकता है। इस कार में केवल एक ही दरवाजा दिया गया है। कार के भीतर कंपनी ने बेहतर स्पेश प्रदान किया है। इसका इंटीरियर 2125 एमएम (83.6 इंच) लंबी, 1620 एमएम (63.8 इंच) चौड़ा, 1525 एमएम (60 इंच) उंचा है।

इस कार में कंपनी ने 2 किलोवॉट का इलेक्ट्रिक मोटर प्रयोग किया है जो कि बैटरी से संचालित होता है। इस कार की अधिकतम स्पीड 45 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसके अलावा कार के भीतर स्टीयरिंग व्हील की जगह पर मोटरसाइकिल की तरह एक हैंडलबार प्रदान किया गया है जिसे दिव्यांग व्यक्ति व्हीलचेयर पर बैठे हुए ही आसानी से ड्राइव कर सकता है। इसी हैंडलबार में ब्रेक लीवर भी दिये गये हैं। हालांकि कंपनी एक नये जॉय स्टीक पर भी काम कर रही है ताकि कार के हैंडलबार को हटाया जा सके और उसकी जगह जॉय स्टीक का प्रयोग किया जाये।

कंपनी ने हैंडलबार पर ही सभी फीचर्स के कंट्रोल बटन को लगाया है ताकि दिव्यांग व्यक्ति को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और वो व्हीलचेयर पर बैठे बैठे ही आसानी से कार ड्राइव कर सके। एक बार फुल चार्ज होने के बाद ये कार आसानी से 70 से 110 किलोमीटर तक का सफर कर सकती है। यानि कि शहर के भीतर ड्राइव करने के लिए ये कार पूरी तरह परफेक्ट है।

हालांकि अभी इस कार को भारतीय बाजार में पेश नहीं किया गया है। इस कार की कीमत तकरीबन 25,000 अमेरिकी डॉलर है। चूंकि भारतीय बाजार में अभी इस कार को पेश नहीं किया गया है ऐसे में अभी ये कह पाना मुश्किल है कि यहां पर इस कार की कीमत कितनी होगी। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि ये कार दिव्यांग लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाने में पूरी तरह सहायक है।


Click it and Unblock the Notifications