अब रेलवे स्टेशनों पर चार्ज करें इलेक्ट्रिक वाहन - रेल मंत्रालय की योजना - दिल्ली से होगी शुरुआत
कार्बन उत्सर्जन से पर्यावरण पर पड़ते दुष्प्रभाव और कच्चे तेल के आयत से भारतीय खजाने पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए भारत सरकार लगातार प्राकृतिक उर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। भारत सरकार के इस मिशन को अब भारतीय रेलवे का सहारा मिला है। जल्द ही रेल मंत्रालय इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए रेलवे स्टेशन के पार्किंग में इलेक्ट्रिक वेहिकल चार्जिंग स्टेशन्स बनाने की योजना ला रही है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत में इस योजना के तहत केवल दो रेलवे स्टेशनों नई दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर चार्जिंग स्टेशन्स बनाये जायेंगे। रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी की माने तो चार्जिंग स्टेशन्स बनाने का काम शुरू भी हो चुका है। योजना के अनुसार हर चार्जिंग स्टेशन्स में पांच फ़ास्ट चार्जिंग DC पॉइंट्स लगाए जायेंगे जो लगभग 10 इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कर सकेंगी।

आम तौर पर AC चार्जर्स एक इलेक्ट्रिक वाहन को पूरी तरह से चार्ज करने में लगभग 6 घंटा लेती हैं वंहि DC चार्जर महज कुछ घंटों में ही इलेक्ट्रिक वाहन को पूरी तरह चार्ज कर देती हैं। रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट् जहां रेलवे की आमदनी बढ़ाएंगे वंहीं ये इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा भी देंगे।

इससे एक तरफ तो देश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा वंहि दूसरी तरफ इंधनों के इस्तेमाल से होनेवाला हानिकारक कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। इसके अलावा यदि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ता है तो भारत में विदेशों से होनेवाले कच्चे तेल का आयात भी कम हो जायेगा। इसके साथ-साथ पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्य को पाने में भी सहायता मिलेगी।

इलेक्ट्रिक वेहिकल चार्जिंग स्टेशन्स लगाने की जिम्म्मेदारी BSES - राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) को दी गई है। रेल मंत्रालय के अनुसार इन चार्जिंग स्टेशन्स को बनाने का कुल खर्च 15 लाख रुपए और प्रति चार्जिंग पॉइंट 3 लाख रुपए आयेगा। इन चार्जिंग स्टेशनों को संचालित करने की जिम्मेदारी BRPL की होगी और इसकी कीमत दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) द्वारा तय की जाएगी।


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