हुंडई ने सेंटा फे एसयूवी में प्रयोग की दुनिया की पहली फिंगरप्रिंट तकनीक
दुनिया भर में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाली दक्षिण कोरिया की प्रमुख कार निर्माता कंपनी हुंडई मोटर्स ने ऑटोमोबाइल जगत में अपनी एक नई तकनीक को पेश कर सबको हैरान कर दिया है।
दुनिया भर में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाली दक्षिण कोरिया की प्रमुख कार निर्माता कंपनी हुंडई मोटर्स ने ऑटोमोबाइल जगत में अपनी एक नई तकनीक को पेश कर सबको हैरान कर दिया है। हुंडई ने अपनी नई 2019 सेंटा फे कार में फिंगरप्रिंट टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया है। आपको बता दें कि, दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है जब कि इस तकनीकी का प्रयोग किसी कार में किया गया है। सेंटा फे, कंपनी की तरफ से पेश की जाने वाली बहुत ही लोकप्रिय एसयूवी है अब कंपनी इसके अपडेटेड वर्जन को बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।

दरअसल ये नई फिंगरप्रिंट तकनीक ड्राइवर को ये सुविधा प्रदान करेगी कि वो बिना किसी चाभी के अपने हथेली की उंगलियों से ही कार को स्टॉर्ट और स्टॉप कर सकें। प्राप्त जानकारी के अनुसार हुंडई अगले वर्ष 2019 की पहली तिमाही में अपनी नई सेंटा फे एसयूवी को पेश करने की योजना बना रही है। ये नई तकनीकी कार मालिकों को और भी ज्यादा सुरक्षा मुहैया करायेगी। यानि कि बिना आपके फिंगरप्रिंट के आपकी कार को स्टॉर्ट नहीं किया जा सकता है।

कार को अनलॉक करने के लिए ड्राइवर के अपनी उंगलियों को डोर हैंडल पर लगे सेंसर पर रखना होगा। जिससे ये उंगलियों के फिंगर प्रिंट को स्कैन कर लेगा और दरवाजा अपने आप खुल जायेगा। इसके अलावा कार के इग्निशन को स्टॉर्ट करने के लिए स्टॉर्ट बटन पर भी एक सेंसर डिस्प्ले लगा होगा। जब कार चालक इस सेंसर पर अपनी उंगलियां रखेगा तो कार अपने आप स्टॉर्ट हो जायेगा। जब दोबारा स्कैनर पर उंगली लगाई जायेगी तो कार बंद हो जायेगी। ये सब कुछ बिलकुल वैसा ही होगा जैसा कि आज कल के मोबाइल फोन को लॉक और अनलॉक करने लिए फिंगर सेंसर का प्रयोग किया जाता है।

इन सबके अलावा ये तकनीकी आपको ड्राइविंग एन्वायरमेंट को कस्टमाइज करने की सुविधा भी प्रदान करती है। जैसा डेटा फिंगर प्रिंट को सेव करने के दौरान कार में प्रोग्राम किया जाता है उसी के अनुसार फिंगर प्रिंट मिलते ही कार अपने फीचर्स को उसी के अनुसार बदल लेती है। जैसी कि सीटिंग पोजिशन, रियर व्यू मिरर एंगल, कार कनेक्टेड फीचर्स, इन्फोटेंमेंट सिस्टम इत्यादि। ये सब कुछ कार खुद ही कर लेती है। इसके लिए कार चालक को अपना फिंगर प्रिंट सेव करते समय सारे फीचर्स को अपने अनुसार तय करना होगा।

हुंडई मोटर्स निकट भविष्य में अपनी इस तकनीकी को और भी बेहतर बनायेगी। ये तकनीकी कार के भीतर तापमान, स्टीयरिंग व्हील पोजिशन और अन्य दूसरे फीचर्स को भी आसानी से एडजेस्ट करने की सुविधा प्रदान करेगा। इस बारे में हुंडई मोटर कंपनी के प्रेसिडेंट और हेड आॅफ रिसर्च एंड डेवलेप्मेंट डिविजन, एल्बर्ट बियरमान ने बताया कि, इस नई तकनीकी को कारों में जोड़े जाने के बाद चालकों को एक बेहद ही आरामदेह और शानदार ड्राइविंग का अनुभव होगा।

इसके अलावा कंपनी ने इस नई तकनीकी में सुरक्षा प्रणालियों को लेकर भी चर्चा की है। कंपनी ने इस तकनीकी को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया है। ये फीचर न केवल फिंगरप्रिंट को अपने प्रोग्राम में सेव करेगा बल्कि ये उंगलियों के इलेक्ट्रीसिटी लेवल की भी जांच करेगा। जिससे कोई भी इस तकनीकी का प्रयोग फ्रॉड या फिर फेक फिंगर प्रिंट के लिए न कर सके। क्योंकि ऐसा संदेह उत्पन्न किया गया था कि यदि कोई दूसरा व्यक्ति फेक फिंगर प्रिंट से कार के लॉक को ओपेन करने की कोशिश करे तो उस दशा में इसे कैसे सुरक्षित किया जा सकता है।

हुंडई फिलहाल इस तकनीकी का प्रयोग कुछ चुनिंदा बाजारों में ही कर रही है। जिसके बाद इसे अन्य वाहनों और बाजारों में भी प्रयोग किया जायेगा। हुंडई की ये नई तकनीकी अपने आप में बेहद ही बेमिसाल है। ज्यादार लोगों को कार के चोरी होने का खतरा रहता है। ऐसे में यदि कारों में इस फिंगर प्रिंट सेंसर टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जायेगा तो ये कारों की सुरक्षा को और भी बेहतर बनाने में पूरी मदद करेगा। हमें उम्मीद है कि कंपनी भारतीय बाजार में भी इस बेहतरीन तकनीक का प्रयोग करेगी और कुछ अन्य कारों में भी इसे शामिल करेगी। भारतीय बाजार हुंडई के लिए काफी मायने रखता है कंपी यहां पर देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी को कड़ी टक्कर प्रदान करती है। ऐसे में ये और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है कि हुंडई तकनीकी के मामले में भी बेहतर हो।


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