बाबा रामदेव: पूरे देश को मैं 35-40 रुपये में पेट्रोल डीजल दे सकता हूं
पुरा देश पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान है और देश के कई शहरों में पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर पहुंचने के करीब है। डीजल का भी यही हाल है और वह भी अपने रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है।
पुरा देश पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान है और देश के कई शहरों में पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर पहुंचने के करीब है। डीजल का भी यही हाल है और वह भी अपने रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। ऐसे में बाबा रामदेव ने पुरे देश में 35-40 रुपए प्रति-लीटर पेट्रोल बेचने की बात कही है। जी हां, एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए रामदेव ने कहा कि, "मोदी सरकार मुझे पेट्रोल पंप लगाने की अनुमति दे और टैक्स में थोड़ी छूट दे, तो पूरे देश को मैं 35-40 रुपये में पेट्रोल डीजल दे सकता हूं। "

गौरतलब है कि पुरे दश में पेट्रोल-डीजल अपने रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। पुरे देश की मांग है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कंट्रोल किया जाए, क्योंकि इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई भी बढ़ रही है।

बता दें कि इस वक्त अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत भी कम हो गई है। आज की तारिख में रूपया गिरकर 72 रुपर प्रति डॉलर की वैल्यू पर जा पहुंचा है। हाल ही में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर ही विपक्ष ने भारत बंद प्रदर्शन किया था।

सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल की इन बढ़ती कीमतों के लिए अंतराष्ट्रिय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार बताया रहा है। लेकिन इसके पीछे और भी कई कारण है। जैसे केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले एक्साइज ड्यूटी और वैट।

पेट्रोल की कीमत में वैट भी शामिल होता है, जो कि अलग अलग राज्यों में अलग अलग हो सकता है। देश के करीब 26 राज्यों में यह दर 25 फीसद की है। राज्य के रेवेन्यू में इस पेट्रोल वैट का बहुत बड़ा हिस्सा होता है।

डीजल की रिटेल सेलिंग प्राइज में 44.6 फीसद हिस्सा टैक्स का होता है। वहीं पेट्रोल की रिटेल सेलिंग प्राइज में 51.6 फीसद हिस्सा टैक्स का होता है। यही कारण है कि तमाम राज्य और केंद्र सरकारें पेट्रोल-डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाए जाने का विरोध कर रहीं हैं।

यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इनकी कीमतें धड़ाम से नीचें गिर जाएंगी। उदाहरण के लिए अगर अभी सरकार पेट्रोल की कीमत को जीएसटी के ऊंचे दर वाले स्लैब (18 फीसदी) में भी रखती है तो इसकी कीमत करीब 50 रुपये लीटर हो जाएगी।


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