जंगलों में बिना ड्राइवर के दौड़ेगी ये शानदार इलेक्ट्रिक ट्रक
'इनराइड' नाम के इस स्टॉर्ट अप ने दुनिया की पहली इलेक्ट्रीक माल वाहक ट्रक का कॉन्सेप्ट तैयार किया है। सबसे खास बात ये है कि इस ट्रक को चलाने के लिए किसी ड्राइवर की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
दुनिया में आये दिन नित नये प्रयोग होते रहते हैं और अविष्कारों के साथ ही दुनिया विकास के सपने भी देखती है। स्वीडन के एक नये स्टार्ट-अप ने भी एक ख्वाब देखा और उसे मूर्तिरुप देने के लिए एक बेहद ही शानदार कॉन्सेप्ट दुनिया के सामने पेश कर दिया। 'इनराइड' नाम के इस स्टॉर्ट अप ने दुनिया की पहली इलेक्ट्रीक माल वाहक ट्रक का कॉन्सेप्ट तैयार किया है। सबसे खास बात ये है कि इस ट्रक को चलाने के लिए किसी ड्राइवर की भी जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि ये स्वत: ही संचालित होगी।

टी-लॉग नाम से बनाये गये इस स्वचालित ट्रक को विशेषकर जंगलों में चलने के लिए बनाया गया है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि, ये जंगल के दुर्गम इलाको में भी आसानी से चल सकेगी। ये पूरी तरह से एक इलेक्ट्रीक ट्रक है इसलिए इस पर डीजल के खर्च का बोझ भी नहीं रहेगा। इस ट्रक को गुड वुड फेस्टिवल आॅफ स्पीड में पेश किया गया है। आइये बताते हैं ये ट्रक इतना खास क्यों है।

इस ट्रक में सेल्फ नेविगेशन सिस्टम भी लगाया गया है जो एक 4जी सिम कार्ड से अटैच किया जायेगा। टिंबर व्यवसाय में इस ट्रक की खास अहमियत होगी। क्योंकि इस व्यवसाय में ट्रांस्पोर्टेशन को लेकर खासी समस्या झेलनी पड़ती है। लेकिन ये नया कॉन्सेप्ट कई तरह की समस्याओं से निजात दिलायेगा। वुड वर्किंग बिजनेस में श्रमिकों की खासी परेशानी देखी जाती है तो ये ट्रक बिना ड्राइवर के ही आपका काम पूरा कर देगी और जंगल की कटान की गई लकड़ियों को आपके मनचाहे जगह पर आसानी से पहुंचा देगी।

इसके लिए एक आॅपरेट चाहिए होगा जो मिलों दूर बैठकर भी अपने सभी ट्रकों को जीपीएस नेविगेशन सिस्टम के माध्यम से ट्रैक कर सकेगा। इस ट्रक में ड्राइवर के लिए कोई भी केबिन नहीं बनाया गया है जिसके कारण ट्रक पर ज्यादा से ज्यादा जगह उपलब्ध है। इसमें एनवीडिया सेल्फ ड्राइविंग सिस्टम का प्रयोग किया गया है।

जंगलों में लकड़ी के कटान के दौरान एक साथ कई ट्रकों का इस्तेमाल किया जाता है और ये सभी ट्रक जंगल के अलग अलग हिस्सों में अपना काम करते हैं। ऐसी स्थिती में सभी टी लॉग ट्रकें एक दूसरे से जीपीएस के माध्यम से कनेक्टेड रहेंगी। इन ट्रकों से उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी साथ ही उन पर होने वाले अन्यत्र खर्चों पर भी लगाम लगाई जा सकेगी।

भारत जैसे देश में जहां पर यातायात सबसे महंगा साधन है, यहां के लिए ये ट्रक किसी वरदान से कम नहीं है। डीजल की बढ़ती कीमत, उनका दोहन, प्रदूषण की समस्या, श्रमिक और समय की बचत इस तरह की कई समस्याओं से ये ट्रक आसानी से निजात दिलाने में सक्षम है। चूकिं इस ट्रक में बैटरियों का प्रयोग किया गया है। इसमें सुपर चार्जिंग सिस्टम का भी प्रयोग किया गया है जो कि बेहद ही कम समय में बैटरियों को पूरी तरह से चार्ज कर देती हैं।
आधुनिक तकनीकी और फीचर्स से लैस है टी-लॉग:
इस ट्रक में अत्याधुनिक तकनीकियों का प्रयोग किया गया है। ट्रक में 360 डीग्री पर घुमने वाले कैमरे लगाये गये हैं जो कि अपने आस पास के इलाके पर पूरी नजर रखेंगे। यानी कि, जहां पर कटाई या फिर माल की ढुलाई हो रही है वहां की हर गतिविधी पर दूर बैठा आॅपरेटर आसानी से नजर रख सकता है। इस ट्रक को आॅपरेट करने के लिए एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। जो कि ट्रक के काफिले के लिए पहले से ही रूट जनरेट कर देगा। सभी ट्रक अपने उसी नियत रूट पर ही चलेंगे। जिसके कारण किसी भी प्रकार की आपात स्थिती के पहले से ही ट्रकें तैयार रहेंगी। इस ट्रक में कैमरा, लाइडर्स और रडार जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।

पर्यावरण के लिए लाभकारी:
इस बात से कत्तई इंकार नहीं किया जा सकता है कि, हैवी रोड ट्रांस्पोर्टेशन दुनिया भी में कार्बन डाइ आॅक्साइड का भारी मात्रा में उत्सर्जन करता है। इसका मुख्य कारण है डीजल का बेहिसाब दोहन। अब ऐसे में जहां ये समस्या किसी भी व्यक्तिगत राष्ट्र की न होकर वैश्विक हो चुकी है, हर किसी को इस समस्या से निजात पाने के बारे में सोचना चाहिए। एक शोध के अनुसार दुनिया भर में इस प्रकार के प्रदूषण के चलते तकरीबन हजारों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। वहीं ये टी लॉग ट्रकें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होने के कारण किसी प्रकार के हानिकारक गैस का उत्सर्जन नहीं करती हैं, जो कि पर्यावरण को बेहतर बनाये रखने में पूरी मदद करता है।

टी लॉग के फीचर्स:
1. बैटरी क्षमता: 300 किलोवॉट
2. माल वाहक क्षमता: 16 टन
3. फुल चार्ज पर दूरी: 200 किलोमीटर
4. चौड़ाई: 2552 एमएम
5. उंचाई: 3563 एमएम
6. लंबाई: 7338 एमएम

कंपनी ने इस ट्रक के बॉडी को बेहद ही मजबूत बनाया है, जो कि भारी माल वहन करने में पूरी तरह सक्षम है। फिलहाल इसका कॉन्सेप्ट वर्जन ही दिखाया गया है। कंपनी का दावा है कि 2020 तक इस ट्रक को बाजार में पेश कर दिया जायेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेग्मेंट में ये किसी क्रांतिकारी परिवर्तन से कम नहीं है। वहीं टिंबर उद्योग को भी इससे अपार लाभ मिलने की संभावनायें हैं। आपको बता दें कि, इनराइड एक ऐसा स्टॉर्ट अप है जो लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों को तैयार करने में लगा है। पिछले साल भी इस कंपनी ने एक बेहतरीन इलेक्ट्रिक वाहन टी-पैड को पेश किया था।


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