इस ऑटो निर्माता के साथ बच्चों को खिलाड़ी बनाने के लिए आगे आए युवराज सिंह
युवराज सिंह मर्सिडीज-बेंज भारत के लॉरेस राजदूत के रूप में घोषित किए गए हैं। इसके तहत वे गरीब बच्चों को खिलाड़ी बनाने का कार्य करेंगे। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
देश की अग्रणी लक्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज भारत ने दूसरे वर्ष भी लॉरियस स्पोर्ट फॉर गुड के साथ अपना सहयोग को जारी रखा। मर्सिडीज-बेंज भारत दो नए गैर-सरकारी संगठनों- नाज फाउंडेशन और स्लम सॉकर के लिए विकास कार्यक्रमों को फंड करेगा। इसके अलावा, यह ऑटोमेकर मौजूदा लॉरियस-समर्थित सहयोगी ऑस्कर फाउंडेशन और वाईयूडब्ल्यूए से फंड देना जारी रखेगा।

लिहाजा लॉरियस स्पोर्ट फॉर गुड ने लॉरियस एम्बेसडर के रूप में भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह की घोषणा की है। युवराज, एक प्रमुख भारतीय खिलाड़ी हैं जो खेल के सच्चे मूल्यों को समझाने सकारात्मक बदलाव लाने को प्रेरित करेगे।

लॉरियस स्पोर्ट उन बच्चों की शक्तियों और युवा लोगों को मदद करता है, जिससे उन्हें हिंसा, भेदभाव और नुकसान से उबरने में मदद मिल सके और दुनिया उनकी खेल क्षमता पहचान सके। यह वैश्विक संगठन 35 देशों में 100 से अधिक कार्यक्रमों का समर्थन करता है।
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इस मौके पर युवराज सिंह ने कम्पनी की इस पहल के लिए तारिफ की। जबकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ, रोलाण्ड फोलगेर ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज ने हमेशा विश्व भर में लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया है। गुड फाउंडेशन और नाज फाउंडेशन अच्छा कार्य कर रहे हैं जो कि ठीक है।

DriveSpark की राय
मर्सिडीज-बेंज इंडिया समाज के बारे में चिंतित है और उससे उबरने के लिए वह कई गैर सरकारी संगठनों के साथ काम कर रहा है। अब, ऑटोमेकर ने लॉरियस स्पोर्ट फॉर गुड के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत किया है, जिसका लक्ष्य है कि खेल के माध्यम से युवा लोगों के जीवन को बदलना है। उम्मीद है यह पहल एक दिन रंग लाएगी।


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