फॉक्सवैगन के इंजीनियर को हुई 40 महीनें की जेल, जानिए क्यों?
फॉक्सवैगन के अभियंता जेम्स लिआंग को 40 महीने की सजा सुनाई गई है। यह सजा डीजल गेट घोटाले में हुई है। आइए इस खबर के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
फॉक्सवैगन डीजल गेट प्रकरण अब अपने अंजाम तक पहुंचता दिख रहा है। यहां फॉक्सवैगन के इंजीनियर, जेम्स लिआंग ने दोषी ठहराया था और अभियोजन पक्ष ने तीन साल की सजा की सिफारिश की गई थी। अब नई खबरों के मुताबिक जेम्स को इस गेट कांड में भागीदारी निभाने को लेकर 40 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी जिला न्यायालय के न्यायाधीश शॉन कॉक्स ने 2,00,000 डॉलर के जुर्माना के साथ, इस फैसले को सुनाया है। वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, "जेम्स पर लगाई गई सजा अभियोजन पक्ष की सिफारिशों से अधिक थी।

उन्होंने कहा था कि लिआंग को तीन साल की कैद और 20,000 डॉलर का जुर्माना है। यह जुर्माना करीब 1,27,76,000 रूपए के बराबर है। डीजल गेट के घोटाले को अदालत ने अमेरिकी उपभोक्ताओं से की गई भारी धोखाधड़ी बताया है।

इस बारे में न्यायाधीश ने कहा कि यह हमारी आर्थिक व्यवस्था के खिलाफ एक बहुत जघन्य अपराध है और कम्पनी ने इस अपराध को किया है। जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा टूटा है। लियांग यह षडयंत्र रचने के दोषी हैं।

जेम्स के वकील ने अदालत से यह निवेदन की जेम्स इस मामले मास्टरमाइंड नहीं है इसलिए सजा के तौर उन्हें हाउसअरेस्ट किया जाए। जेम्स के अतिरिक्त इस मामले में कंपनी के आठ अन्य अधिकारीयों पर धोखाधड़ी के आरोप हैं. जिनमे जेम्स सबसे लोवर रैंक के अधिकारी है।

बता दें कि स्वच्छ डीजल इंजन बनाने के लिए, फॉक्सवैगन ने जिस सॉफ़्टवेयर का उपयोग किया था, जो कि उत्सर्जन मानदंडों को धोखा देता था। कम्पनी ने ऐसी करीब 3 मिलियन कारों को बेचां था। हकीकत यह थी कम्पनी का साफ्टवेयर जो रिजल्ट बताता था। प्रदुषण का स्तर उससे 40 गुना ज्यादा था।

DriveSpark की राय
विश्वभर में फॉक्सवैगन के डीजल गेट स्कैंडल प्रभावित कारें हैं। इनमें पहला धोखा 2.0 लीटर डीजल इंजन और बाद में 3.0-लीटर इंजन के साथ मिला। इस घोटाले ने कार निर्माता को अरबों में खर्च किया है और कई मुकदमों का सामना भी कर रहा है। कंपनी को इस मुद्दे को तय करने पर ध्यान केंद्रित करना और कड़ी मेहनत करना है।


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