Volvo बंद करने जा रहा है नए डीजल इंजन का प्रोडक्शन, जानिए क्यो?
स्वीडिश ऑटोमोबाइल वोल्वो ने कहा है कि उसने नए डीजल इंजनों को डेवलप करना छोड़ देगा। हालांकि कंपनी वर्तमान में बेचे जाने वाले डीजल मॉडलों का उत्पादन जारी रखेगी। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते ह
स्वीडिश ऑटोमोबाइल वोल्वो ने कहा है कि वह नए डीजल इंजनों डेवलप करना छोड़ देगा। हालांकि कंपनी वर्तमान में बेचे जाने वाले डीजल मॉडलों का उत्पादन जारी रखेगी।

वोल्वो के चीफ एक्जीक्यूटिव हाकन सैमुअल्ससन ने एक साक्षात्कार में कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य से, हम किसी भी नए पीढ़ी के डीजल इंजन को विकसित नहीं करेंगे।

सैमुअल्ससन ने कहा कि वोल्वो केवल 2013 में शुरू की गई मौजूदा डीजल इंजन मॉडल का निर्माण करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च प्रदूषण वाले डीजल मॉडलों को प्रदूषण मानकों के अनुरूप जारी रखने का खर्च बहुत ज्यादा है।

जानकारी के मुताबिक डीजल इंजन की वर्तमान पीढ़ी 2023 तक निर्मित होने की उम्मीद है। यह स्वीडिश कार निर्माता अब इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल में निवेश करेगा। वोल्वो ने पहली इलेक्ट्रिक कार 2019 तक बाजार में उतरने की संभावना जताई है।

सैमुअल्ससन ने कहा, "हमें यह समझना होगा कि टेस्ला ऐसी कार पेश करने में कामयाब रही है जिसके लिए लोग आगे आ रहे हैं। इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन के लिए भी हमारा स्थान सबसे ऊपर होना चाहिए।

इससे पहले, सैमुअल्ससन ने कहा कि सख्त उत्सर्जन मानदंड डीजल वाहनों की कीमतों को और महंगा करना है। मूल्य में वृद्धि जब एक बिंदु तक पहुंच जाएगी तब प्लग-इन हाइब्रिड वाहन एक आकर्षक विकल्प होगा।

बता दें कि यूरोप वोल्वो डीजल कारों के लिए मुख्य बाजार है। नई कारों का 50 प्रतिशत हिस्सा डीजल कार बेचता है। कंपनी यूरोप में 90 प्रतिशत डीजल एक्ससी 90 की खरीद करती है।


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