भारत बना Volkswagen और Suzuki के लिए जंग का मैदान, जानिए कैसे?
इस टक्कर में सुजुकी ने जापानी कम्पनी टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन के साथ भागीदारी की घोषणा की है तो वहीं वोक्सवैगन एजी ने अपने नए साथी भारतीय हेवीवेट टाटा मोटर्स के साथ भागीदारी की है।
अपने एक कड़वे विभाजन के बाद सुजुकी और वोक्सवैगन अब अपने अलग-अलग पार्टनर के साथ एक दूसरे को ऑटो मार्केट में एक बार फिर टक्कर देने के लिए तैयार है।

खबरों के मुताबिक इन दोनों कम्पनियों के इस य़ुद्ध का मैदान अब भारत बन गया है। इस टक्कर में सुजुकी ने जापानी कम्पनी टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन के साथ भागीदारी की घोषणा की है तो वहीं वोक्सवैगन एजी ने अपने नए साथी भारतीय हेवीवेट टाटा मोटर्स के साथ भागीदारी की है। दोनों कंपनियों ने इस महीने की शुरुआत में ही एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

खबरों के अनुसार वोक्सवैगन या टोयोटा अपनी वृद्धि को टैप करने के उद्देश्य से वोक्सवैगन ने 10 मार्च, 2017 को टाटा के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, ताकि संयुक्त रूप से विकासशील वाहन घटकों और वाहन अवधारणाओं में दीर्घकालिक सहयोग का पता लगाया जा सके।

वोक्सवैगन अपने ब्रांड स्कोडा को टाटा मोटर्स के साथ इस परियोजना का नेतृत्व करेगा। इन दोनों ने अपनी साझेदारी की घोषणा सिर्फ कुछ दिन पहले ही की थी। यह उस वक्त हुई थी जब टोयोटा और सुजुकी के अधिकारी भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे।

इस बैठक में दोनों निर्माताओं ने उन्नत तकनीक में टोयोटा की विशेषज्ञता का फायदा उठाकर छोटी कारों के विनिर्माण क्षेत्र में सुजुकी के अनुभव को फायदा उठाकर भारत में सहयोग करने की योजना पर चर्चा की थी।

टोयोटा सुजुकी इंडिया को लाभ के गढ़ के रूप में देखता है, जबकि सुजुकी की नजर टोयोटा से तकनीकी लाभ हासिल करना है। टाटा के साथ वोक्सवैगन का गठजोड़ सुजुकी के साथ भागीदारी के बाद भारत में एक और गुल खिलाने वाला है।
आप वोक्सवैगन के कुछ प्रोडक्ट नीचे दिए जा रहे फोटोज में देख सकते हैं।


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