डीजल गेट के बाद वोक्सवैगन पर लगा एक और चीटिंग का आरोप

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जर्मन ऑटो निर्माता वोक्सवैगन एक बार फिर से मुसीबतों में घिरता दिखाई पड़ रहा है। अब कम्पनी पर फ़्रांस में बिक्री के आंकड़ों में छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक कम्पनी ने सरकार को एक अवास्तविक सकारात्मक तस्वीर पेश की थी।

बता दें कि पहले वोक्सवैगन ने कहा था कि 2010 के बाद से फ्रांसीसी सड़कों पर चलने के लिए पंजीकृत होने से पहले अपने ब्रांड्स से लगभग 8,00,000 कारें वितरित की थीं। जबकि कुछ कारों को महीनों और साल बाद भी पंजीकृत नहीं किया गया है। हालांकि इस आरोप पर वोक्सवैगन के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

आंतरिक जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद, वोक्सवैगन के चीफ, मैथियस मुलर ने अपने फ्रांसीसी प्रमुख जैक्स रिवोल ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन कम्पनी ने कहा कि यह केवल गलती से आकड़े चले गए थेष उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं था।

वोक्सवैगन दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमेकर है जिसके बेल्ट में 12 ब्रांड हैं। यह फ्रांस में नई कारों का सबसे बड़ा आयातक है। वोक्सवैगन का 2016 में फ्रांस के ऑटो बाजार में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

DriveSpark की राय

दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी में से एक होने के नाते, वोक्सवैगन को डीजल गेट स्कैंडल बहुत मंहगा पड़ा है। अब बिक्री के आकड़ों में हेरफेर के कारण कम्पनी की फजीहत हो रही है। अब यह देखना बेहतर होगा कि कम्पनी से कैसे उबरती है।

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English summary
German auto major Volkswagen is in trouble again. This time for manipulating the sales figures in France. The automaker produced an unrealistic positive picture to the Government.
Story first published: Saturday, July 1, 2017, 16:44 [IST]
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