टोयोटा और सुजुकी ने अपने इलेक्ट्रिक वेहिकल प्लान से भारत को कराया इन्ट्रोड्यूज
टोयोटा और सुजुकी भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत करने के लिए तैयार है। इसी कड़ी में दोनो कम्पनियों ने अपने इलेक्ट्रिक वेहिकल से भारत को इन्ट्रोड्यूज कराया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं
भारत सरकार ने साल 2030 तक भारत में पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां अब इसी पहल के मुताबिक टोयोटा और सुजुकी ने देश में बिजली के वाहनों को पेश करने के लिए हाथ मिला लिया है।

इस नए समझौते के तहत सुजुकी इलेक्ट्रिक वेहिकल का निर्माण करेगा और टोयोटा उसे तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। टोयोटा और सुजुकी दोनों ही भारत में बिजली के वाहनों की स्वीकृति और उपयोग के लिए विस्तृत अध्ययन करेंगे।

स्टडी में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और ईवी की बिक्री सेवा के लिए मानव संसाधन तक की बातें शामिल हैं। भारत में बिजली के वाहनों में बदलाव के लिए, सुजुकी ने पहले ही घोषणा की है कि वह गुजरात में लिथियम आयन बैटरी विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी।

इस ऑटोमेकर को उम्मीद है कि स्थानीय रूप से निर्माण और सभी घटकों का स्रोत होगा जिसमें बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर और अन्य आवश्यक पार्ट्स शामिल हैं। लेकिन भारत में विद्युत वाहनों के लिए प्रमुख चुनौती चार्जिंग का बुनियादी ढांचा है।
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लेकिन इन सबके बीच भारत में ईवी की सफलता के लिए सबसे प्रमुख कारक मूल्य निर्धारण होगा। सुजुकी स्थानीय स्तर पर सभी घटकों को असेम्बल करने की कोशिश कर रही है जो कीमतों को नीचे रखने में मदद करेगी।

DriveSpark की राय
भारतीय बाजार के लिए इलेक्ट्रिक वाहन विकसित करने के लिए टोयोटा और सुजुकी ने नया फर्म बनाया हैं। कंपनियां 2020 में देश में लॉन्च करेंगी। भारत 2030 तक विद्युत वाहनों में बदलाव की योजना बना रहा है और टोयोटा और सुजुकी चुनौती के लिए अच्छी तरह तैयार हैं। लेकिन विकास में अभी भी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ, ईवी को मुश्किल चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।


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