अपने सबसे बूरे दौर से गुजर रहा है टाटा मोटर्स, प्रत्येक कार की बिक्री पर घाटा
टाटा मोटर्स के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि टाटा मोटर्स इस वक्त सबसे बूरे दौर से गुजर रहा है और उसे हर गाड़ी पर घाटा हो रहा है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
टाटा मोटर्स के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि टाटा मोटर्स इस वक्त सबसे बूरे दौर से गुजर रहा है और उसे हर गाड़ी पर घाटा हो रहा है। उन्होंने यह सारी बातें इकोनामिक्स टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा है।

उन्होंने कहा कि घरेलू बिक्री में हुई बढ़त और टाटा टियागो व टाटा टिगोर की सफलता ने टाटा मोटर्स को सहारा जरूर दिया है, लेकिन कंपनी अभी भी फायदे में नहीं है। कम्पनी को टाटा नैनो के साथ-साथ प्रत्येक गाड़ियों की बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इकॉनमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि सिर्फ टाटा नैनो नहीं, कंपनी को हर यात्री वाहन पर घाटा हो रहा है। बताते चलें कि रतन टाटा और सायरस मिस्त्री के बीच हुए विवाद के दौरान टाटा नैनो से हो रहे घाटे को लेकर कई सवाल उठे थे।
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अब खुद चेयरमैन ने स्वीकार कर दिया है कि कार सेग्मेंट में कंपनी संकट से गुजर रही है और करीब एक दशक से बिक्री में गिरावट देखने को मिली है। एन चंद्रशेखरन ने इच्छा जताई कि टाटा मोटर्स को कमर्शियल व्हीकल के सेग्मेंट में ध्यान देना चाहिए, जिससे यात्री वाहन बाजार में घाटा कम हो सके।

इससे पहले भी कम्पनी की अपनी योजना में कुल 1200 सप्लायर्स की संख्या में 300-400 की कटौती करने की थी। टाटा मोटर्स अब नए वाहनों को बनाने का खर्च घटाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी वर्तमान प्लेटफॉर्म को हटाकर एडवांस मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म (AMP) पर आगामी कारों का निर्माण करेगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में इस प्लेटफॉर्म पर बना पहला वाहन लॉन्च हो सकता है। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों पर भी फोकस कर रही है। हाल ही में टाटा मोटर्स को सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कारों के लिए 1120 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी 10 हजार इलेक्ट्रिक Tigor की सप्लाई करेगी। यह आर्डर महिन्द्रा को भी मिला है।

DriveSpark की राय
अब जबकि टाटा के चेयरमैन ने खुद कम्पनी में घाटे होने की बात कबूली है। ऐसे में अन्य ऑटो निर्माताओं के लिए भी चिंता का विषय है। कम्पनी ने हाल ही में अपनी नेक्सन को लॉन्च किया है। माना जा रहा है कि फेस्टिव सीजन में बिक्री से टाटा की सेहत में थोड़ा सुधार होगा। लेकिन यह रफ्तार जारी रही तभी बात बन सकती है।


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