Tata Motors ने हटाए अपने 1,500 प्रबंधकीय कर्मचारी
टाटा मोटर्स ने अपने 1,500 प्रबंधकीय कर्मचारियों को हटा दिया है। आइए इस घटना का कारण विस्तार से जानते हैं।
भारतीय ऑटोमेकर टाटा मोटर्स ने कहा है कि उसने देश में 1,500 लोगों के अपने प्रबंधकीय कर्मचारियों को घटा दिया है। टाटा मोटर्स का यह नया कदम संगठनात्मक पुनर्गठन का एक हिस्सा है। इस बात की जानकारी टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और चीफ एक्जीक्यूटिव, गेंटर बुत्शेक ने दी।

बताया जा रहा है कि टाटा ने यह कदम विभिन्न कारणों और रणनीतियों की वजह से उठाए हैं। जबकि नौकरी में कटौती चिंता का मामला है। इसके जरिए कोई बेरोजगार पगार की ओर बढ़ पाता है।

लेकिन टाटा मोटर्स प्रबंधन ने साफ कहा है कि इस कदम के कारण अन्य नौकरियां प्रभावित नहीं होगी। कंपनी अपने प्रबंधकीय खर्चे को 14 से 5 तक करना चाहती है।

इस बारे में बुत्शेक ने कहा कि कुल 13,000 प्रबंधक हैं जिसमें से 10 से 12 प्रतिशत यानी 1,500 लोगों की कटौती की गई है।

कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि संगठनात्मक पुनर्गठन कंपनी के भीतर स्वामित्व और उत्तरदायित्व को देखने के लिए किया गया था और लागत में कटौती करने के लिए नहीं। कुछ कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की पेशकश की गई थी।

कई अन्य कर्मचारियों को सेवा शाखा, ग्लोबल डिलिवरी सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया । लेकिन कंपनी ने यह नहीं बताया कि पुणे में कितने लोगों को सर्विस डिवीजन में स्थानांतरित किया गया था।

टाटा मोटर्स समूह के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सी रामकृष्णन ने कहा कि भूमिकाओं, आवश्यकताओं और भूमिकाओं के निर्धारण के मामले में हमने बहुत विस्तृत अभ्यास किया है। यह एक बहुत व्यापक अभ्यास था जो हमने 6-9 माह से शुरू किया था।


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