इलेक्ट्रिक वेहिकल बैटरी के लिए जरूरी है 100 अरब डॉलर और 20 कारखाने

By Deepak Pandey

इस वक्त अगर भारत के ट्रांसपोटेशन सेक्टर में सबसे ज्यादा किसी चीज की चर्चा हो रही है तो वह इलेक्ट्रिक वाहन है और खास बात यह है कि भारत सरकार ने भी भारत से साल 2030 तक डीजल-पेट्रोल के वाहनों को खत्म करने का लक्ष्य रखा हुआ है।

 Electric Vehicle Battery Production Requires 20 Factories With $ 100 Billion

जहां इस क्षेत्र में काम करने के लिए महिन्द्रा और टाटा जैसी कम्पनिय़ाां उतर आई हैं तो वहीं अभी कुछ निर्माता आने की प्लानिग तैयार कर रहे हैं लेकिन वास्तव में अगर भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को सूचारू रुप स तैयार करना हो तो इसके लिए बेहतर निवेश की जरूरत है।

हाल ही में नीति आयोग तथा रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट की साझा रिपोर्ट इंडिया एनर्जी स्टोरेज मिशन की साझा रिपोर्ट आई है जिसमें कहा गया है कि भारत को बैटरी उत्पादन के लिए 100 अरब डॉलर निवेश के साथ 20 विशाल कारखानों की जरूरत होगी।

 Electric Vehicle Battery Production Requires 20 Factories With $ 100 Billion

भारत में इस कदम के लिए उत्कृष्ट और प्रतिस्पर्धी बैटरी उत्पादन आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता है। हालांकि स्पष्ट दीर्घकालिक नीतियों के अभाव तथा तकनीकी अनिश्चितता के कारण इस क्षेत्र में निवेश अवरद्ध हो रहा है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है।

इस रिपोर्ट ने चार मुख्य चुनौतियों को इंगित किया गया है जिसमें देश में खनिज (लिथियम)भंडार की कमी , बड़े वाहन बैटरी निर्माताओं की अनुपस्थिति, विभिन्न पक्षों के बीच तालमेल का अभाव और लक्ष्य की राह में जोखिम की धारणा का ऊंचा रहना शामिल है।

 Electric Vehicle Battery Production Requires 20 Factories With $ 100 Billion

एक्सपर्ट ने रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि विभिन्न हिस्सेदारों के बिना तालमेल के प्रयास और देश में बैटरी उत्पादन के बेहद शुरुआती अवस्था में होने के कारण देश में इस क्षेत्र में निवेश के जोखिम काफी अधिक माने जा रहे हैं।

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उत्पादन को लेकर दीर्घकालीन नीतियों का अभाव और भविष्य की तकनीक को लेकर अनिश्चितता के कारण भी बैटरी एवं वाहन निर्माता इस क्षेत्र में निवेश से हिचक रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि इस रुकावट को पारदर्शी एवं सुसंगत नीतियों से दूर किया जा सकता है।

 Electric Vehicle Battery Production Requires 20 Factories With $ 100 Billion

Drivespark की राय

भारत सरकार ने साल 2030 तक भारत से डीजल-पेट्रोल वाहनो को खत्म कर देने का प्लान बनाया है। ऐसे में अगर उपर्यु्क्त सुझावों पर कार्य किया जाए तो भारत के इलेक्ट्रिक युग की कल्पना की जा सकती है।

Hindi
English summary
Sharing report of the Policy Commission and the Rocky Mountain Institute's shared share of India Energy Storage Mission has said that India will need 20 large factories with a $ 100 billion investment for battery production.
Story first published: Monday, November 27, 2017, 15:57 [IST]
 
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