आर एंड डी के लिए भारत में अपना स्टॉफ बढ़ाने जा रहा है रोल्स-रॉयस
रोल्स-रॉयस भारत में आर एंड डी स्टाफ को बढ़ाने जा रहा है। इससे लोगों को कितना फायदा होगा , आइए इस खबर के बारे में जानते हैं।
ब्रिटिश लक्जरी कार निर्माता रोल्स-रॉयस देश में अपने अनुसंधान और विकास केंद्र में अपने कर्मचारियों को बढ़ाने की योजना बना रहा है। कंपनी कृत्रिम बुद्धि और डेटा विश्लेषिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश करने की भी योजना बना रही है।

रोल्स-रॉयस के निदेशक बेंजामिन रॉबर्ट स्टोरी और रोल्स-रॉयस इंडिया के अध्यक्ष किशोर जयरामन की आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद के साथ बैठक हुई थी।

जिसे लेकर एक अधिकारी का कहना है कि रोल्स-रॉयस इस साल के अंत तक अपने बेंगलुरु स्थित अनुसंधान और विकास केंद्र में तीनों मुख्यालयों की योजना बना रहे हैं। वे भारतीय कुशल प्रतिभाओं और स्टार्टअप के नवाचार से प्रभावित हैं।

आपको बता दें कि रोल्स-रॉयस इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग फर्म है नागरिक और रक्षा विमान, समुद्री जहाजों, परमाणु पनडुब्बियों और अन्य उच्च तकनीकी वाहनों के लिए बिजली और प्रणोदन प्रणाली का कार्य किया जाता है।

रोल्स-रॉयस ने 80 साल पहले भारत में प्रवेश किया था। इसने पहले टाटा एविएशन विमान को शक्ति दी थी। कंपनी की तकनीक 240 भारतीय नौसेना और तटरक्षक जहाजों द्वारा उपयोग की जाती है।

DriveSpark की राय
कई वैश्विक कंपनियां भारत में अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित कर चुकी हैं। अब रोल्स-रॉयस अपनी टीम का विस्तार करने की योजना बना रही है जो कि एक अच्छा कदम है, और यह रोजगार के अवसरों को और अधिक बनाएगा।


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