क्या आपका वाहन PUC प्रमाणित हैं?
दिल्ली सरकार के नए नियमों के मुताबिक प्रत्येक वाहन मालिक या ड्राइवर के पास वैध पीयूसी यानि प्रदुषण नियंत्रण प्रमाणपत्र होना जरूरी है।
क्या आपका वाहन PUC प्रमाणित हैं? यह सवाल हमारा नहीं बल्कि दिल्ली सरकार का है। दिल्ली सरकार के नए नियमों के मुताबिक प्रत्येक वाहन मालिक या ड्राइवर के पास वैध पीयूसी यानि प्रदुषण नियंत्रण प्रमाणपत्र होना जरूरी है।

इस नए निर्देश के मुताबिक अगर किसी के पास यह सब कुछ नहीं है तो उससे पहले अपराध पर 1000 रूपए जुर्माना वसूला जाएगा जबकि अगर वह दूसरी बार या उससे अधिक बार पकड़ा जाता है तो हर अपराध पर उससे 2000 रुपए बतौर जुर्माना वसूला जाएगा।

कहां बनता है प्रमाण पत्र
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में प्रदुषण जांच सुविधा पर्याप्त रुप से अधिकांश रूप से पेट्रोल पंपो पर तथा ऑटोवर्कशॉप पर उपलब्ध है।

इसके अलावा भारत स्टेज-4 के अनुरूप निर्मित वाहन वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्र की वैधता एक वर्ष तथा अन्य वाहोनं की तीन माह होती है।

क्या हो सकता है शुल्क
दिल्ली सरकार के मुताबिक पेट्रोल या सीएनजी से चलित 2 पहिया 3 पहिया का शउल्क 60 रुपए और 4 पहिया का 80 रुपए हैं। डीजल वाहनों के लिए इसकी कीमत 100 रुपए निर्धारित की गई है।

आपको याद दिला दें कि साल 2016 में एक सर्वे हुआ था जिसमें पता चला था कि राजधानी दिल्ली के 4 में से तीन गाड़ियों के पास यह प्रमाणपत्र नहीं है। यही नहीं, प्रदूषण को लेकर 95 प्रतिशत लोग अपने वाहनों की टेस्ट पास करा लेते हैं। यह तथ्य पल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रोग्राम का मजाक उड़ाता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) द्वारा दिल्ली-एनसीआर के पल्यूशन चेकिंग सेंटरों के ऑडिट किए जाने पर ये परेशान करने वाले तथ्य सामने आए थे जिनका सीधा संबंध वायु प्रदूषण से है।

DriveSpark की राय
देखिए। शहर आपका है, जान आपकी है और आने वाली नस्लें भी आपकी ही हैं। यहां फैसला भी आपको ही लेना और चलना है या नहीं चलना है यह भी आप ही तय करेंगे। तो तय कर लीजिए आपके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा?


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