महिन्द्रा ऑफ-रोड एकेडमी ने की 4 कोर्सेस की पेशकश, ले सकते हैं ऑफ-रोडिंग ड्राइविंग की ट्रेनिंग
अगर आपमें रेसिंग को लेकर जुनून है तो आप महिंद्रा ऑफ़-रोड ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण ले सकते हैं। आइए इसी बारे में जानते हैं कि इस एकेडमी में आखिर क्या खास बात है।
महिंद्रा अब एक बहुमुखी कार निर्माता है जो किसी भी प्रकार की कार विकसित करने में सक्षम है। इसके पोर्टफोलियो मोनोशॉक एसयूवी से लेकर बॉडी-ऑन-फ़्रेम एसयूवी, सेडान, हैचबैक और यहां तक कि इलेक्ट्रिक कार भी हैं।

इसके अलावा कंपनी ने पुराने जीप प्लेटफार्मों पर आधारित 4x4 वाहनों का भी निर्माण किया था जो कि कहीं भी जानें में सक्षम था लेकिन वाहन कितना भी मजबूत हो ऑफ ड्राइविंग में दिक्कतें आएगी ही।
बस इसी समस्या के समाधान को लेकर महिन्द्रा ने इगतपुरी में अपने ऑफ रोडि ट्रैनिंग सेंटर की शुरूआत की है।

इस एकेडमी में अगर कोई व्यक्ति ड्राइविंग या फिर ऑफ ड्राइविंग को सीखना चाहता है तो उसका विकल्प महिंद्रा ऑफ-रोड ट्रेनिंग एकेडमी के पास है।
आपको बता दें कि इगतपुरी में स्थित महिंद्रा की ट्रेनिंग एकेडमी, भारत की पहली ऑफ-रोड ट्रेनिंग अकादमी है, जो अपने वाहनों को बिना किसी जोखिम के बिना ऑफ-रोडिंग में उत्साही लोगों को पहला हाथ अनुभव पाने की अनुमति देता है।

प्रशिक्षण अकादमी के पास महिंद्रा थार का 4x4 वाहन हैं जो कि कार्यक्रम में दाखिला लेने वालों को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग किया जाता है। मानक थार के अलावा, अकादमी में महिंद्रा के कुछ अन्य वाहन भी हैं। इनमें स्कार्पियो और पुराने जीप भी शामिल हैं।

अकादमी एक संगठित संस्था है, ऑफ-सड़क ड्राइविंग में चार विशेष पाठ्यक्रमों की पेशकश की गई है। ऑफ रोडिंग में बुनियादी पाठ्यक्रम है और महिंद्रा का दावा है कि यह पहली बार ऑफ-रोडर्स के लिए बिल्कुल सही है।
अगले स्तर के पाठ्यक्रम को 'ट्रेल सर्वेवेयर' कहा जाता है, और यह एक इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम है, जो ऑफ-रोडिंग की तकनीकी पर अधिक ध्यान केंद्रित है।

इसमें ऑफ-रोड में वाहन की गतिशीलता पर गहराई से बताया जाता है। तीसरा कोर्स है- 'ग्लोबल एक्सप्लोरर', यह एक उन्नत स्तर का कोर्स है, जो दो दिनों में होता है और प्रतिभागियों के बीच एक तीव्र प्रतिस्पर्धा भी आयोजित करवाई जाती है।

'महिंद्रा सर्टिफाइड ऑफ-रोड ट्रेनर' कोर्स का अंतिम स्तर है, और इस कोर्स में प्रमाणित होने के साथ ही इसका शाब्दिक अर्थ है कि प्रतिभागी एक ऑफ-रोडिंग प्रशिक्षक बनने में सक्षम है, और महिंद्रा से प्रमाणन सिर्फ इसके लिए अधिक महत्व देता है।

आपको बताते चलें कि यह सब बहुत ज्यादा कीमत यानि फीस पर नहीं हो रहा है। गेटी कोर्स के लिए 7,500 रुपए का खर्च होता है, ट्रेल सर्वेवीर, 17,500 रुपये और ग्लोबल एक्सप्लोरर, 25,000 रुपये प्रति हेड होता है। हालांकि महिंद्रा सर्टिफिकेशन कोर्स आम जनता के लिए हीं है। इसके लिए, पहले ग्लोबल एक्सप्लोरर को पास करना जरूरी है।

बता दें कि इगतपुरी में प्रशिक्षण अकादमी 28 एकड़ में फैली हुई है और इसमें 12 अलग-अलग ट्रेल्स हैं। इनमें होम रन, रॉक क्रॉल, ब्लाइंड जोन, रेलवे क्रॉसिंग, लॉग क्रॉसिंग, स्लश पिट आदि है। इस महीने की शुरुआत में, महिंद्रा ने ड्राइवस्पार्क को ऐक्शन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।

DriveSpark की राय
महिन्द्रा ट्रेनिंग अकादमी के पाठ्यक्रम केवल उनके लिए नहीं है जो महिंद्रा 4x4 वाहन का मालिक हैं। अगर कोई अन्य निर्माता से 4x4 वाहन खरीदने पर विचार कर रहा है, तो भी ऑफ-रोडिंग के सिद्धांत एक ही रहेंगे।
इसलिए एक माह महिंद्रा ट्रेनिंग एकेडमी द्वारा प्रशिक्षित होने के साथ-साथ कोई भी अपने वाहन की क्षमताओं का पता लगाने में सक्षम हो सकेगा। यदि आप महिंद्रा 4 डब्ल्यू डी वाहन खरीदने पर विचार कर रहे हैं, तो पाठ्यक्रम भी बेहतर हैं, क्योंकि वाहनों की ऑफ-सड़क क्षमताओं के पहले यह जानना जरूरी है कि इसे विकसित किसने किया है?


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