अब ट्रैक्टर भी होगा कॉमर्शियल वेहिकल, देशभर में लगेगा टोल-टैक्स
अब देशभर में ट्रैक्टर-ट्राली पर भी टोल टैक्स लगेगा। इसके पहले ऐसा नहीं होता था। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अब से हरियाणा समेत देश भर में ट्रैक्टर ट्राली पर ट्रकों के समान टोल देने पड़ेंगे। केंद्र सरकार किसानों के ट्रैक्टर ट्राली को कामर्शियल वाहनों की श्रेणी में डालने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के ड्राफ्ट रूल में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है।

इस ड्राफ्ट के मुताबिक ट्रैक्टर अब नान ट्रांसपोर्ट व्हीकल (गैर व्यवसायिक वाहनों) की श्रेणी से बाहर माने जाएंगे अर्थात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के ड्राफ्ट नियमों में ट्रैक्टर नॉन ट्रांसपोर्ट व्हीकल की श्रेणी से बाहर रखे जाएंगे।

शुरू हुई राजनीति
लेकिन दूसरी देश में इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। इस मसले पर मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जहां विरोध किया वहीं हरियाणा मे भी निर्णय के खिलाफ लोग मुखर हो आए हैं। इस बारे में गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष, भाकियू हरियाणा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसान विरोधी फैसले ले रही है।

उन्होंने किसानों को उनकी फसल के वाजिब दाम नहीं दिए जा रहे, उल्टे गलत फैसलों से किसानों की कमर तोड़ी जा रही है। किसानों के ट्रैक्टर ट्राली से टोल वसूल किए जाने का फैसला निहायत ही गलत है। भाकियू इसका प्रबल विरोध करेगी।

1989 में दी गई थी राहत
बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल जब देश के उप-प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने सड़क एवं परिवहन विभाग, मोटर व्हीकल अधिनियम तथा एनएचएआइ की नियमावली में संशोधन करवाकर ट्रैक्टर-ट्राली को 'गड्डे' का दर्जा दिलाया था। यह 1989 की बात है।
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इसके बाद से ट्रैक्टर ट्रालियों को टोल संग्रहण केंद्रों पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ता था। ताऊ देवीलाल के प्रयासों से मिली राहत का देश भर के किसानों को फायदा हुआ था। अब उनके सांसद पौत्र दुष्यंत चौटाला ने ट्रैक्टर ट्रालियों से टोल वसूलने की तैयारी की मुखालफत शुरू कर दी है।

पीएम को पत्र लिखकर जताया विरोध
इनेलो सांसद ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विरोध जताया तथा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के लिए समय मांगा है, ताकि ट्रैक्टर को कामर्शियल वाहनों की श्रेणी से बाहर निकलवाया जा सके।

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के ड्राफ्ट के आधार पर दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही ट्रैक्टर-ट्राली को नॉन ट्रांसपोर्ट व्हीकल की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है, जिसके बाद किसानों को किसी भी टोल से निकलते समय ट्रक के समान टोल देना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही हरियाणा के नेताओं एवं किसानों का एक शिष्टमंडल नितिन गडकरी से मुलाकात करेगा।

DriveSpark की राय
किसानों का मु्द्दा हमारे देश में बहुत संवेदनशील रहा है और इस तरह का टैक्स सीधे उनके हितों से जुड़ा है। ऐसे में सरकारों को किसी भी तरह के फैसले लेने से पहले विचार विमर्श करने की आवश्यकता है। वर्ना मामला उल्टा भी पड़ सकता है।


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