राजधानी दिल्ली में कठिन होगा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना, सरकार बदलेगी नियम
राजधानी दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब कठिन हो जाएगा। सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के कामों में सख्ती करने वाली है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
राजधानी दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस बनाना आसान नहीं होगा। अब उसी व्यक्ति का लाइसेंस बन पाएगा जो लाइसेंस पाने के लायक है। सड़कों पर नाम के ड्राइवर अब दिखाई नहीं देंगे।

माना जा रहा है कि सरकार की इस कवायद से मार्ग दुर्घटनाओं में कमी आएगी। अब से लाइसेंस के पहले किसी भी व्यक्ति को ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। टेस्ट ड्राइविंग को कैमरे से ट्रेक किया जाएगा। सरकार की इस पहल के बाद बेहतर ड्राइविंग करने वाले लोग ही टेस्ट पास कर पाएंगे। दिल्ली सरकार ने नए नियमों को जल्द ही लाने की तैयारी की है।
इस सारी कवायद के लिए सरकार ने देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के साथ हाथ मिलाया है। दोनों साथ में मिलकर राजधानी में 10 ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट सेंटर स्थापित करेंगे। इसके लिए 10 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाने की योजना है।

राजधानी में इन सेंटर्स पर ड्राइविंग ट्रैक बनाया जाएगा और हाई डेफिनेशन कैमरा लगाए जाएंगे। इन ट्रैक को 8 अंक के आकार दिया गया है जिसे महज 90 सेकंड में पार करना होगा। इसके अलावा सेंटर्स पर वीडियो एनालिटिक्स तकनीक के जरिए ड्राइविंग के स्तर का भी पता लगाया जाएगा।
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यहां जिन जगहों पर इन सेंटर्स को स्थापित किया जाएगा उनमें हौज खास का डीटीसी टर्मिनल, शकुर बस्ती, राजा गार्डन और हरि नगर शामिल हैं। इसके अलावा दूसरे सेंटर रोहिनी, द्वारका, ज्हारोडा कलन, बुरारी, सराए काले खां और लोनी रोड पर बनाए जाएंगे। इन सेंटर्स को स्थापित करने के अलावा तीन साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी मारुति सुजुकी की होगी।

Drivespark की राय
अगर बदलाव हो रहा है तो यह एऐक अच्छी प्रक्रिया है लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस कम होने से कैसे दुर्घटनाओं में कैसे कमी आएगी। यह फिलहाल समझ के बाहर की बात है। खैर, नियम को पूरी तरह से सामने आने दीजिए, फिर इस पर विचार किया जाएगा।


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