मारूति सुजुकी ने किया इलेक्ट्रिक वाहनों का वादा, लेकिन कब तक? आइए जानते हैं..
मारुति सुजुकी ने एक नए और रोमांचक सत्र का लीडर बनने का वादा किया है। इसी के साथ कम्पनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों का वादा किया है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजूकी ने शुद्ध मुनाफे में मामूली वृद्धि के बाद तिमाही आय की घोषणा की और बाजार की उम्मीदों को एक बार फिर से मात दे दिया है। जिसके बाद इस इंडो-जापानी कंपनी ने कहा कि वह इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण शुरू करेगा।

कम्पनी की इस योजना के पीछे भारत सरकार द्वारा साल 2030 तक पेट्रोल और डीजल वाहनों को खत्म कर पर्यावरण के अनुकूल विकल्प देने का है। कंपनी ने यह भी जोर दिया कि यह इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में भी बाजार का लीडर होगा।

कम्पनी ने कहा कि हम इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करेंगे। हम भी इस क्षेत्र में लीडर बनने का इरादा रखते हैं। उक्त बाते हैं अध्यक्ष आर.सी. भार्गव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही जहां कंपनी ने अपनी त्रैमासिक कमाई की घोषणा की थी।
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हालांकि, भार्गव ने भारत में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण की कोई समयसीमा का खुलासा नहीं किया है और मारुति सुजुकी की मूल कंपनी सुजुकी अभी तक इलेक्ट्रिक कारों के विकास को लेकर कोई आक्रामक कदम नहीं उठाया है।

लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मारुति सुजुकी मोटर कॉर्प और टोयोटा मोटर कॉर्प के बीच साझेदारी से इस क्षेत्र को एक नई गति मिल सकेगी। दोनों जापानी कंपनियां ऑटोमोबाइल उद्योग में उभरती रुझानों जैसे हरित प्रौद्योगिकियों और स्वायत्त ड्राइविंग की ओर बढ़ने का लाभ ले रही हैं।

इसके अलावा ऑल-इलेक्ट्रिक बेड़े के लिए कदम मौजूदा उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र को निश्चित रूप से बाधित करेगा। सरकार ने पर्यावरण में देश के कार्बन को कम करने के प्रयास में पेट्रोलियम और डीजल कारों के प्रदूषण को रोकने के लिए ऑटोमोबाइल उद्योग को सूचित किया है।

DriveSpark की राय
मारुति सुजूकी भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता है, और यह भारतीय खरीदारों की आवश्यकताओं की स्पष्ट रुप से समझती है। हम उम्मीद करते हैं कि मारुति इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में अपनी चाल में आक्रामक होने के कारण भारतीय कारों के खरीदारों के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ उत्पादों की पेशकश करें।


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