48 वी हल्के-हाइब्रिड तकनीकी का विकास कर रहा है महिन्द्रा
महिन्द्रा 48 वी हल्के-हाइब्रिड तकनीकी का विकास कर रहा है लेकिन यह है क्या और इसका क्या उपयोग है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के तहत हाइब्रिड पर कर दर हाई होने के बावजूद मशहूर भारतीय ऑटोनिर्माता महिंद्रा नई और अधिक शक्तिशाली 48 वी हल्के हाइब्रिड तकनीक विकसित कर रही है।

आपको बता दें कि नई 48 वी हल्की संकर प्रौद्योगिकी महिंद्रा द्वारा उपयोग की जाने वाली मौजूदा 12V प्रणाली से अधिक मजबूत है। 12 वी हल्के हाइब्रिड सिस्टम का उपयोग स्कॉर्पियो और एक्सयूवी 500 एसयूवी में किया जाता है।

इस बारे में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने कहा कि महिंद्रा 48 वी हल्के-हाइब्रिड प्रौद्योगिकी पर काम कर रही है, और इस तकनीक का उपयोग करके उत्पाद के साथ तैयार होने के लिए ऐसा करना जारी रखेगा। इस उत्पाद को लॉन्च करने पर यह निर्भर करेगा कि क्या संकर के लिए करों पर फिर से सोचें। अन्यथा, भारत में इस तरह के वाहन को लॉन्च करने के लिए मुश्किल हो जाएगा।

जीएसटी के तहत, हाइब्रिड वाहनों पर लागू कर पिछले 30.3 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो है। सभी हाइब्रिड वाहन 28 प्रतिशत जीएसटी और 15 प्रतिशत उपकर को आकर्षित करते हैं, जो बड़े, लक्जरी कारों और एसयूवी पर भी लागू होता है।

आपको बता दें कि बैटरी में संग्रहीत यह ऊर्जा, इंजन के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए उपयोग की जा सकती है। इसके अलावा, इसका इस्तेमाल वाहनों की विद्युत प्रणाली जैसे रेडिएटर प्रशंसक, वॉटर पम्प और इलेक्ट्रिक पॉवर स्टीयरिंग रैक की एक महत्वपूर्ण संख्या को शक्ति के लिए किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यह बेहतर प्रदर्शन और उच्च ईंधन दक्षता दे सकता है।

DriveSpark की राय
प्रजेन्ट में भारत में बड़े पैमाने पर बिजली की कारों को चलाने के लिए अभी लंबा सफर तय करना पड़ा सकता है। उसके पहले हाइब्रिड वाहन भारतीय ऑटो उद्योग का अच्छा समाधान हो सकता है।


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