इस मिनिस्टर ने किया कार से लालबत्ती हटाने से इंकार
सरकार ने कारों से लाल बत्ती पर प्रतिबंध लगाने के बाद, कर्नाटक खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री का पालन करने से इनकार कर दिया।
मोदी सरकार ने हाल ही में भले कारों पर लाल बत्ती लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन भारत में अब भी कई लोग ऐसे हैं जो वीआईपी संस्कृति को खुद से अलग नहीं होने देना चाहते हैं। साफ शब्दों में कहा जाए तो सरकारी गाड़ियों पर लगने वाली लाल बत्ती का नशा अब भी कई राज्यों में सिर पर बढ़ चढ़कर बोल रहा है।

जबकि बात केवल कर्नाटक राज्य के विषय में किया जाए तो यहां के मुख्यमंत्री और दिल्ली में आम आदमी पार्टी सहित अधिकांश राजनेताओं ने शासन का पालन किया है। लेकिन यहां के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री, यूटी खादर अब भी अपनी बत्ती हटाने मूड नहीं हैं।

इस बारे में कर्नाटक के रसद मंत्री यूटी खादर का कहना है कि अगर राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया उनसे इससे संबंधित कोई निर्देश देते हैं तो वह इस आदेश का पालन करेंगे और अपनी गाड़ी से लाल बत्ती को उतार देंगे। पिछले दिनों केंद्र की मोदी सरकार ने इस प्रथा को खत्म करते हुए देशभर में वीआईपी गाड़ियों पर लगने वाली लाल बत्ती हटाने का आदेश जारी किया था।

कांग्रेस नेता खादर ने कहा कि यह लाल बत्ती उन्हें केंद्र सरकार ने नहीं, बल्कि राज्य सरकार ने दी है और इसे हटाने का अधिकार केंद्र के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गाड़ी पर लगी है न कि मेरे माथे पर, मैं लाल बत्ती को लेकर नहीं घूम रहा हूं।

खादर ने पत्रकारों की एक बातचीत में कहा कि लाल बत्ती हटाने का अधिकार मेरे पास नहीं है। जब तक राज्य की कैबिनेट इसे हटाने का निर्देश नहीं देती, तब तक ये रहेगी।

उन्होंने कहा कि मैं वीआईपी गाड़ियों के लाल बत्ती के हटाने के निर्देश का विरोध नहीं करता हूं, बल्कि मैं चाहता हूं कि सरकार गरीबों के पेट भरने और उन्हें शिक्षा मुहैया कराने के लिए योजनाएं लाए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोगों को वीआईपी के स्तर पर लाने का सरकार का लक्ष्य होना चाहिए।


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