एक महीने के अंदर जीप कम्पास को मिला कुछ ऐसा रिस्पांस
एफसीए को भारत में जीप कम्पास के लिए बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया मिली है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं कि आखिर इन महीनों में लोगों से कम्पास को मिला कैसे?
फिएट क्रास्लर ऑटोमोबाइल (एफसीए) ने अपने ग्रैंड चेरोकी और रैंगलर एसयूवी के लॉन्च के साथ भारत में प्रवेश किया, जिसकी कीमतें ज्यादा रही। इन दोनों मॉडलों ने एफसीए के लिए कंपनी के एक प्रीमियम ब्रांड इमेज बनाने का मौका दिया। हालांकि, यह बड़ी बिक्री में परिवर्तित नहीं हो सका।
Recommended Video


लेकिन लगता है अब जीप कम्पास के साथ यह सब कुछ बदल गया है। एफसीए ने इस गाड़ी को एक्स-शोरूम के हिसाब से 14.95 लाख भारत में शुभारंभ किया था। इस एसयूवी की कीमत ऐसी रही कि लोगों के साथ प्रतिद्वंदी भी हैरान हो गए है।

इकोनामिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में जीप कम्पास को 8,100 यूनिट्स की बुकिंग मिली है। इसका उत्पादन पुणे के बाहरी इलाके रंजगांव में किया गया है। यह पूरी तरह से भारत में निर्मित एसयूवी है। इस संयंत्र में वाहन की मांग के हिसाब से इसका निर्माण किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि लगभग एक दशक पहले शुरू हुए इस संयंत्र में इस बुकिंग के कारण काम बढ़ गया है। एफसीए सिर्फ दो या तीन महीने दूर भारत में ज्यादा आय बनाने से सुविधा में निवेश किया है।
रंजगांव संयंत्र वर्तमान में जीप कॉम्पास और टाटा मोटर्स के नेक्सन कॉम्पैक्ट एसयूवी का निर्माण करता है। नेक्सन सितंबर 2017 में शुरू होने की उम्मीद है।

एफसीए को जीप कॉम्पास के लिए 8,171 ऑर्डर मिले हैं, जो कि 1,570 करोड़ रुपये (245 मिलियन डॉलर) का मूहै। कंपनी ने इस सुविधा में $ 280 मिलियन का निवेश किया है और एफसीए ब्रेक-पॉइंट तक पहुंचने से पहले यह समय की एक बात है।

रिपोर्ट के मुताबिक एफसीए 25 प्रतिशत अधिक उत्पादन की ओर काम कर रहा है। यह एक दिन में जीप कम्पास के 90 इकाइयों का उत्पादन कर रहा है और एसयूवी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रति दिन 110 तक बढ़ाना चाहता है।

Drivespark की राय
जीप कम्पास की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी प्रीमियम कीमतें है। जीप कम्पास ने भारतीय बाजार में जल्द ही अपनी जगह बना ली है और अब इस सेगमेंट में वह नेतृत्व करेगी।


Click it and Unblock the Notifications








