खुशखबरीः ISRO ने डेवलप किया एक सोलर इलेक्ट्रिक कार, ईंधन से मिलेगी मुक्ति?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र ने एक सोलर इलेकेट्रिक कार को विकसित किया है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
जिस प्रकार से ईंधन की खपत हो रही है उसे देखते हुए यह तो तय है कि भविष्य में वैकल्पिक उर्जा ईंधनों की आवश्यकता पड़ने वाली है। हालांकि इस समस्या को इसरो ने समझ लिया है और अब वह सोलर ईंधन पर कार्य करना शुरू भी कर दिया है।

खबरों के मुताबिक भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने ईंधन की समस्या के समाधान के साथ लिथियम आयन बैटरी को लेकर आई है। यह बैटरी चार्ज करने के लिए सौर पैनलों का उपयोग किया जाता है जो वाहन के इलेक्ट्रिक मोटरों को पॉवर देता है।

आपको बता दें कि सौर ऊर्जा आसानी से उपलब्ध है, और यह ऊर्जा का एक गैर प्रदूषणकारी स्रोत भी है। जिसकी उपय़ोगिता को समझते हुए इसरो ने विद्युत वाहनों में सिर्फ एक बड़ी समस्या का समाधान किया है।

इस तकनीक को इसरो द्वारा अपने लैब में ही विकसित किया गया है। इलेक्ट्रिक कार सौर पैनल, बैटरी और सुपर-कैपेसिटर से लैस है। यह तकनीक, इलेक्ट्रिक को चार्ज करने के लिए बैटरी और गियर सेट चार्ज करने के लिए नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स का उपयोग करता है।

इसरो द्वारा बनाई गई इस कार की छत पर एक उच्च दक्षता वाला सौर पैनल लगाया है जिसमें 100 से अधिक एम्पियर के हाई कैपिसिटी की मांग को पूरा करने के लिए एक सुपर-कैपेसिटर का इस्तेमाल हुआ है।

कार में बैटरी एक हल्के ब्रशलेस से इलेक्ट्रिक मोटर को पॉवर देती है जो वाहन को आगे बढ़ाती है। यह कार मारुति की ओमनी है, और इसमें बिजली के उपकरण को कार के बूट में रखा गया है।

इसरो ने अपनी इस कार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है और इलेक्ट्रिक कार में सुधार करने पर काम किया है। इसरो भी स्व-संधारित्र के साथ स्वदेशी ली-आयन पाउच कोशिकाओं / ईंधन सेल का उपयोग करके लागत में कटौती करने की योजना बना रहा है।


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