विदेशी मार्केट में इन दूसरे नामों के साथ बेची जाती हैं ये 10 भारतीय कारें

By Deepak Pandey

भारत दुनिया के सबसे ऑटो मार्केट में से एक है और दुनिया की शाय़द ही ऐसी कोई कम्पनी है जो भारत में अपना व्यापार नहीं करती है। इसके पीछे कारण यह है भारत उस मजबूत स्थिति में है जहां के मार्केट को ग्लोबल स्तर पर अनदेखा करना मुश्किल है।

यही वजह है कि विदेशों में जो कारें बेंची जाती हैं उन्हें भारत में भी बेचा जाता है। आज हम आपको 10 ऐसी ही भारतीय कारों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें विदेशों में दूसरे नामों के साथ बेचा जाता है।

1. Honda Jazz (Fit)

1. Honda Jazz (Fit)

होंडा जैज (फ़िट) होंडा भारत में अपनी प्रीमियम हैचबैक बेचता है और जिसे भारत में जैज नाम से जाना जाता है। कंपनी इसे इसे जापान और अमेरिका में फ़िट के रूप में बेचती है। होंडा फिट अनिवार्य रूप से जैज है लेकिन अलग नाम दिया है।

2. Hyundai Verna (Accent)

2. Hyundai Verna (Accent)

हुंडई वेर्ना (एक्सेंट) हुंडई ने हाल ही में वर्ना की नई जनरेशन को भी भारत में लॉन्च कर दिया है जबकि अमेरिका और कनाडा में इस कार को एक्सेंट के नाम से बेचा जाता है। यह वास्तव में एक सेडान है।

3. Hyundai Santro (Atos Prime/Amica)

3. Hyundai Santro (Atos Prime/Amica)

हुंडई एटियोस पर आधारित हुंडई सेन्ट्रो को भारत में सेन्ट्रो के नाम से जाना जाता है जबकि अन्य़ विदेशी बाजारों में इसे प्राइम और एमिका के नाम से बेचा जाता है। भारत में सेट्रो को भी पहले एक्सेंट के नाम से बेचा जाता था लेकिन साल 2015 में इस नाम को बंद कर दिया गया।

4. Ford Figo (KA+)

4. Ford Figo (KA+)

अमेरिकी कार निर्माता फोर्ड ने भारतीय बाजार में फिगो को डेवलप किया और दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे अन्य उभरते बाजारों में हैचबैक निर्यात किया। फोर्ड फिगो के निर्यात मॉडल को अन्य देशों में केए + के रूप में जाना जाता है। भारत का फोर्ड का सबसे महत्वपूर्ण निर्यात मॉडल फिगो या केए + है।

5. Maruti S-Cross (Suzuki SX4)

5. Maruti S-Cross (Suzuki SX4)

मारुति एसएक्स 4 हमें भारत में बिक्री पर लगाए गए सेडान की याद दिलाता है। यह भारत में Ciaz के साथ बदल दिया गया था हालांकि, एसएक्स 4 मंच अन्य देशों में जारी है। एसएक्स 4 भारत में मारुति एस-क्रॉस के नांम से बिकती है। यूरोप और अन्य देशों में एस-क्रॉस को सुज़ुकी एसएक्स 4 के रूप में बेचा जाना जारी है।

6. Skoda Laura (Octavia)

6. Skoda Laura (Octavia)

स्कोडा लौरा दूसरी जनरेश की ऑक्टेविया है। चेक कार निर्माता ने पहली बार भारत में पहली पीढ़ी की स्कोडा ओक्टेविया का शुभारंभ किया और इसे तुरंत अपने परफार्मेंस और प्रीमियम सुविधाओं के कारण लोकप्रियता मिली। जबकि स्कोडा अन्य देशों में ओक्टाविया के रूप में दूसरी पीढ़ी के मॉडल को बेचना जारी है। भारत में लौरा की पहली पीढ़ी इसी नाम से बिक चुकी है लेकिन अब यह ऑक्टेविया के ही नाम से जानी जाती है।

7. Maruti A-Star (Alto)

7. Maruti A-Star (Alto)

मारुति ए-स्टार को भारत में ऑल्टो हैचबैक के बाद शुरू किया गया था। इसलिए, कंपनी विभिन्न नामों के साथ हैचबैक को अलग करना चाहता था। अन्य बाजारों में मारुति ए-स्टार को ऑल्टो के रूप में बेचा जाना जारी है। मारुति ने भारत में ए स्टार को बंद कर दिया क्योंकि ऑल्टो कंपनी के लिए बड़े पैमाने पर बिक्री ला रही है।

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8. Maruti Esteem (Suzuki Cultus)

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भारत में कार का नाम चुनने के दौरान कार के नाम बहुत बड़ा फर्क पड़ता है। मारुति सुजुकी ने अपनी पहली सेडान मारुति 1000 के रूप में बेचने का फैसला किया, जिसे बाद में एस्टीम के रूप में जाना जाता था। हालांकि, अन्य देशों के लिए, एस्टीम को सुज़ुकी कल्टस के रूप में जाना जाता है, हालांकि यह एक सेडान की बजाय हैचबैक है।

9. Ford Endeavour (Everest)

9. Ford Endeavour (Everest)

फोर्ड एंडेवर के नाम से बिकने वाली एसयूवी को विदेशों में एवरेस्ट के नाम से जाना जाता है। दरअसल फोर्ड ब्रांड भारत में 'एवरेस्ट' का इस्तेमाल नहीं कर सका। इसलिए, फोर्ड ने एसयूवी को भारतीय बाजार के लिए एंडेवर के रूप में बेचने का फैसला किया।

10. Mahindra Reva (G-Wiz)

10. Mahindra Reva (G-Wiz)

महिंद्रा रेवा भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार है और इसे वर्तमान में ई 2 प्लस के रूप में जाना जाने लगा है। महिंद्रा ने छोटे या मिनी इलेक्ट्रिक कार को अन्य देशों में बेचने का फैसला किया और ब्रिटेन में जी-वाईज के नाम से जाना जाता था।

DriveSpark की कार

DriveSpark की कार

कारों का नाम अलग-अलग भौगोलिक देशों में बेचा जाना जरूरी है क्योंकि यह संबंधित बाजार की संवेदनशीलता और प्राथमिकताओं के लिए उपयुक्त बनाती है। जबकि कई कारें जो उस नाम से उतना सफल नहीं हो पाईं जितना कि दूसरे नाम से कर पाई हैं।

Hindi
English summary
While the cars are manufactured in India, to suit the sensibilities of the target country, car makers name their cars their differently. Also, there are instances where the name already exists, and car makers launch cars with a different name in other countries or vice versa.
Story first published: Saturday, November 25, 2017, 14:13 [IST]
 
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