यात्री वाहनों के एक्सपोर्ट में भारत ने बनाया नया रेकॉर्ड
इस मामले में भारत ने लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नया रेकार्ड बना लिया है। पूरा विवरण जानने के लिए यह न्यूज पढ़़े।
कारों और उपयोगी वाहनों की बिक्री में 16.2% की बढ़ोतरी के चलते पिछले वित्तीय वर्ष में भारत से यात्री वाहन निर्यात कुल समय में 7,58,830 यूनिट पर पहुंच गया है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी साल में 2015-16 में 24,82,876 इकाइयों के मुकाबले दुपहिया वाहन निर्यात 5.78 फीसदी घटकर 23,39,273 इकाई रह गया।

31 मार्च को समाप्त हुए आखिरी वित्त वर्ष में अधिकतम यात्री वाहन निर्यात को दोहरे अंकों में वृद्धि के साथ देखा गया, जो कारों और उपयोगिता वाहनों के उच्चतम निर्यात द्वारा प्रोत्साहित करता है। कार सेगमेंट ने यात्री वाहनों (पीवीएस) के निर्यात का नेतृत्व किया, जो 2016-17 में 6,02,341 इकाइयों में था, यह 2015-16 में 5,32,630 इकाइयों की तुलना में 13.0 9 प्रतिशत अधिक है।

सियाम ने कहा कि यूटिलिटी वाहनों (यूवी) ने भी निर्यात में 29.82 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 1,41,153 वाहनों की बिक्री हुई थी, जबकि 1,18,741 इकाइयां थीं। हुंडई मोटर इंडिया में सबसे बड़ा निर्यातक रहा, जो 1,67,120 इकाइयों में 3.02 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि फोर्ड 1,58,469 यूनिट के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

मारुति सुजूकी इंडिया की पीवी निर्यात में 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ 1,22,039 वाहनों की बिक्री हुई, जबकि निसान की पीवी निर्यात 1. 9 3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,09,459 इकाइयों में खुली।
आप चाहे तो नीचे की इमेज गैलरी फोर्ड की तीन शानदार ब्रैंड की तस्वीरों का अवलोकन सकते हैं।


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