नई वर्ना के साथ भारत को नया ग्लोबल प्रोडक्शन हब बनाने जा रहा है हुंडई
हाल ही में दक्षिण कोरियाई ऑटो प्रमुख हुंडई ने पांचवीं जनरेशन की नई वर्ना की इंडिया में शुरुआत की। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
हाल ही में दक्षिण कोरियाई ऑटो प्रमुख हुंडई ने पांचवीं जनरेशन की नई वर्ना की इंडिया में शुरुआत की। अब, इकोनॉमिक टाइम्स ने रिपोर्ट की है कि यह ऑटोमेकर कोरिया से भारत के लिए वर्ना के वैश्विक उत्पादन को स्थानांतरित कर रहा है।

अब 'मेक इन इंडिया' के साथ हुंडई जनवरी 2018 से शुरू होने वाले सभी वैश्विक बाजारों में मध्य आकार की सेडान की आपूर्ति के लिए चेन्नई के विनिर्माण संयंत्र का उपयोग करेगा।
इस बारे में हुंडई इंडिया के एमडी वाई के कू ने कहा कि कंपनी अगले दो वर्षों में लगभग 1.3 लाख यूनिट वर्ना उत्पादन करने की योजना बना रही है।

उन्होंने कहा कि यहां से उत्पादन का 60-70 प्रतिशत विभिन्न वैश्विक बाजारों में निर्यात किया जाएगा। बता दें कि हुंडई कंपनी के कुल उत्पादन मात्रा में भारत का योगदान 2016 में 12 प्रतिशत से बढ़कर 2016 में 13 प्रतिशत हो गया। चेक गणराज्य के बाद कम्पनी के मुनाफे में भारत का प्रमुख योगदान रहा है।

कू ने यह भी कहा कि शुरू में हुंडई ने भारतीय बाज़ार के लिए 50,000 यूनिट वर्ना और निर्यात बाजारों के लिए 60,000 इकाइयों का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है और अगले चरण में 80,000 इकाइयों को उत्पादन बढ़ाया है।

बता दें कि भारत को वर्ना का वैश्विक उत्पादन बनाने के पीछे यहां निर्माण की कम लागत से लेकर कई तत्व कार्य करते हैं। अन्य वैश्विक कंपनियां भी भारत में इसी कारण निर्माण कर रही हैं।
इनमें फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल ने हाल ही में अपने महाराष्ट्र उत्पादन सुविधा में जीप कम्पास का उत्पादन शुरू किया। कंपनी एसयूवी को बाजारों में निर्यात करने की योजना बना रही है।

DriveSpark की राय
दक्षिण कोरियाई कार निर्माता के लिए वर्ना एक महत्वपूर्ण उत्पाद है। यह सेडान अपनी लॉन्चिंग के बाद पहले ही देश में 7,000 से अधिक बुकिंग प्राप्त कर चुका है।
अब, ऑटोमेकर मध्य आकार की सेडान के उत्पादन के लिए भारत को वैश्विक हब बनाने के लिए तैयार है। इससे भारत में मेक इन इंडिया की पहल और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।


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