पेट्रोल और डीजल को लेकर बाद में निर्णय लेगी जीएसटी परिषद
जीएसटी लागू होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों और उसे इससे बाहर रखने पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसे लेकर केन्द्रीय मंत्री अशोक गजपति का क्या कहना है।
भारत सरकार ने 1 जुलाई, 2017 से ऐतिहासिक वस्तुओं और सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया है। लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों को नए कर व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों को अब जीएसटी से बाहर रखा गया है। जीएसटी परिषद बाद में इस पर निर्णय लेगी।

गजपति राजू ने कहा कि हमें इससे नागरिक विमानन क्षेत्र को रखना होगा क्योंकि राज्यों को पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत नहीं आने देना चाहिए था, इसलिए इस क्षेत्र के लिए कोई फायदा नहीं होगा।

जीएसटी ने ऑटोमोबाइल उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। विशेष रूप से, हाइब्रिड कारों और परिवहन वाहनों को नए कराधान नीति के साथ मूल्यवान होगा।

कई कंपनियां इस कदम का विरोध कर रही हैं और टैक्स दरों को कम करने का आग्रह किया है, लेकिन जीएसटी कौंसिल ने कुछ नहीं किया।

DriveSpark की राय
भारत सरकार ने ऐतिहासिक माल और सेवा कर (जीएसटी) बिल पारित कर दिया है लेकिन जीएसटी में कुछ कमियां हैं, उदाहरण के लिए, पर्यावरण के अनुकूल और परिवहन वाहनों की कीमत अधिक होगी। लेकिन पारंपरिक वाहनों की कीमतों में कमी आएगी


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